Adhika-masa Purnima 2026Adhika-masa Purnima 2026
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Adhika-masa Purnima 2026 : हिंदू पंचांग में अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है, अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह विशेष मास लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है और भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होता है। इस दौरान आने वाली पूर्णिमा का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पूजा-पाठ और विशेष उपाय व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आते हैं।

इस वर्ष अधिक मास की पूर्णिमा 30 मई 2026 को पड़ रही है, जबकि उदया तिथि के अनुसार स्नान और दान का महत्व 31 मई को रहेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन बेहद शुभ माना जा रहा है।

Adhika-masa Purnima 2026 पूर्णिमा पर बन रहा है शुभ रवि योग

अधिक मास पूर्णिमा के अवसर पर रवि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इस योग में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल प्राप्त होता है। साथ ही ग्रहों की अनुकूल स्थिति जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता के नए अवसर प्रदान कर सकती है।

Adhika-masa Purnima 2026 हल्दी का उपाय दूर कर सकता है नकारात्मकता

पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल भरें और उसमें गंगाजल तथा थोड़ी सी हल्दी मिलाएं। इस जल का छिड़काव घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर करें और दरवाजे के पास हल्दी से स्वास्तिक बनाएं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सुख-समृद्धि के मार्ग खोलता है।

Adhika-masa Purnima 2026 चंद्र देव को अर्घ्य देने का महत्व

पूर्णिमा का सीधा संबंध चंद्रमा से माना जाता है। ऐसे में रात के समय चंद्रमा को जल, दूध, अक्षत और सफेद पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है।

अर्घ्य देते समय “ॐ सों सोमाय नमः” मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और मानसिक तनाव कम होने की मान्यता है।

Adhika-masa Purnima 2026 पीपल पूजन से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा

पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। शाम के समय पीपल के नीचे घी का दीपक जलाने से वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

Adhika-masa Purnima 2026 लक्ष्मी कृपा के लिए कौड़ी और मखाने का उपाय

मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पूर्णिमा के दिन पूजा के दौरान 11 पीली कौड़ियां और मखाने अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह उपाय आर्थिक स्थिरता और धन वृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

अधिक मास पूर्णिमा आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और विशेष उपायों के लिए अत्यंत शुभ अवसर मानी जाती है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हल्दी, कौड़ी और मखाने से जुड़े ये सरल उपाय भी सुख-समृद्धि की कामना के साथ किए जाते हैं।

Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। किसी भी उपाय को व्यक्तिगत आस्था और विश्वास के आधार पर ही अपनाएं।

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