Bhojshala DisputeBhojshala Dispute
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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Bhojshala Dispute : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने अपने फैसले में इस विवादित स्थल को स्पष्ट रूप से ‘मंदिर’ घोषित किया है। वर्षों से चले आ रहे इस धार्मिक और कानूनी विवाद में हाईकोर्ट का यह आदेश एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

Bhojshala Dispute पुरातात्विक साक्ष्यों और वैज्ञानिक सर्वेक्षण को बनाया आधार

उच्च न्यायालय ने अपना यह फैसला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा हाल ही में सौंपी गई विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और ऐतिहासिक दस्तावेजों का गहन अध्ययन करने के बाद सुनाया है। अदालत ने माना कि परिसर की वास्तुकला, वहां मौजूद शिलालेख और प्राचीन अवशेष इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह मूल रूप से एक हिंदू धार्मिक स्थल था। एएसआई के सर्वे में मिले मंदिर के स्तंभों और देवी-देवताओं की मूर्तियों के साक्ष्यों ने इस फैसले में मुख्य भूमिका निभाई।

Bhojshala Dispute वर्षों पुराने विवाद और व्यवस्था पर पड़ेगा असर

भोजशाला परिसर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के बीच विवाद का केंद्र रहा है। साल 2003 में बनाई गई व्यवस्था के तहत, यहां हिंदुओं को हर मंगलवार को पूजा करने और मुस्लिमों को हर शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट द्वारा इसे आधिकारिक तौर पर ‘मंदिर’ घोषित किए जाने के बाद, अब इस परिसर की वर्तमान व्यवस्था और पूजा-अर्चना के अधिकारों में बड़े बदलाव आने की संभावना है।

Bhojshala Dispute सुरक्षा व्यवस्था सख्त, शांति बनाए रखने की अपील

इस संवेदनशील मामले पर आए बड़े फैसले को देखते हुए मध्य प्रदेश प्रशासन और धार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। धार शहर सहित राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने, अदालती फैसले का सम्मान करने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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