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रिपोर्टर: सन्‍तोष सरावगी

Bhitarwar : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार किया है। भितरवार क्षेत्र में बिना अनुमति के काटी जा रही कई कॉलोनियों पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। आरोप है कि भू-माफिया इन अवैध जमीनों के जरिए करोड़ों रुपये के प्लॉट का क्रय-विक्रय कर रहे थे। हालांकि, इस पूरी मुहिम के तौर-तरीकों को लेकर अब गंभीर सवाल भी खड़े होने लगे हैं।

Bhitarwar मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर की बड़ी मुहिम

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री द्वारा राज्य भर में चलाए जा रहे भू-माफिया विरोधी अभियान के तहत की गई है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के सख्त निर्देशन पर प्रशासनिक टीम ने भितरवार नगर के विभिन्न इलाकों में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान धूमेश्वर नगर, रामनगर और बजरंग नगर समेत आधा दर्जन से अधिक चिन्हित की गई अवैध कॉलोनियों में बने अवैध निर्माणों और सड़कों को मलबे में तब्दील कर दिया गया।

Bhitarwar करोड़ों के अवैध कारोबार का भंडाफोड़

प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि संबंधित भू-माफियाओं ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) और डाइवर्जन जैसे जरूरी सरकारी नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनियां विकसित कर ली थीं। इन जमीनों पर बिना वैध दस्तावेजों के प्लॉटिंग की जा रही थी और आम जनता को गुमराह करके करोड़ों रुपये के प्लॉट बेचे जा रहे थे। इस कार्रवाई से भू-माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

Bhitarwar कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति के आरोप

प्रशासन की इस बड़ी मुहिम के बावजूद स्थानीय स्तर पर इसकी गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और जानकारों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल चुनिंदा और छोटे निर्माणों को ढहाकर महज खानापूर्ति की है। लोगों का कहना है कि जो मुख्य सरगना और रसूखदार भू-माफिया हैं, उन पर सख्त कानूनी शिकंजा कसने के बजाय प्रशासनिक अमला केवल ऊपरी दिखावा करके लौट गया।

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