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रिपोर्टर: सन्‍तोष सरावगी

Dabra : डबरा के “अपना घर आश्रम” ने एक बार फिर सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश की है। मानसिक अस्वस्थता के कारण अपनों से बिछड़कर भटक रहे नेपाल निवासी नवीन ठाकुर को आश्रम की टीम ने न केवल नया जीवन दिया, बल्कि सात महीने के लंबे इंतजार के बाद उन्हें उनके परिवार से भी मिलवा दिया।

Dabra सिरसा गांव से हुआ था रेस्क्यू, बदहाल थी स्थिति

करीब चार महीने पहले डबरा के सिरसा गांव से पुष्पेंद्र सिंह गुर्जर की सूचना पर आश्रम की टीम ने नवीन ठाकुर को रेस्क्यू किया था। उस समय नवीन की मानसिक स्थिति अत्यंत गंभीर थी और वे अपनी सुध-बुध खो चुके थे। आश्रम में उन्हें ससम्मान ‘प्रभु जी’ के रूप में स्थान दिया गया और विशेषज्ञों की देखरेख में उनका उपचार व निरंतर सेवा शुरू की गई।

Dabra अंबाला से नेपाल तक चली खोजबीन

उपचार के बाद जब नवीन की स्थिति में सुधार हुआ, तो उन्होंने अपना पता नेपाल बताया। इसके बाद “अपना घर परिवार” के सदस्य श्री विकास गोगिया (अंबाला) ने परिवार की तलाश शुरू की। कई दिनों की कड़ी मशक्कत और सोशल मीडिया व संपर्कों के माध्यम से अंततः नेपाल में उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में सफलता मिली। परिजनों ने बताया कि वे पिछले सात महीने से नवीन की तलाश में भारत-नेपाल की खाक छान रहे थे।

Dabra मिलन की घड़ी में नम हुईं सबकी आँखें

बीते दिन जब नवीन के परिजन डबरा पहुंचे और अपने बेटे को सुरक्षित देखा, तो पूरा माहौल भावुक हो गया। सात महीने का वियोग खुशियों के आंसुओं में बदल गया। आश्रम की टीम ने औपचारिकताएं पूरी कर नवीन को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया। मानव सेवा के इस निस्वार्थ कार्य के लिए क्षेत्र की जनता “अपना घर आश्रम” की टीम और उनके सहयोगियों की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रही है।

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