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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Jaipur : राजस्थान की राजधानी जयपुर आज संसदीय और लोकतांत्रिक विमर्श का केंद्र बनी हुई है। ‘कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान’ में आज लोकसभा द्वारा गठित समीक्षा समिति की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) जुटेंगे, जिनका मुख्य एजेंडा विधानमंडलों की समितियों को अधिक सशक्त और उत्तरदायी बनाना है। गौरतलब है कि इस श्रृंखला की पहली बैठक भोपाल में संपन्न हुई थी।

Jaipur लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की कवायद

इस बैठक में छह राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु यह है कि कैसे विधानसभा की समितियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि वे सरकार के कामकाज की बारीकी से निगरानी कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि समितियों की मजबूती से न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि आम जनता के प्रति शासन की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

Jaipur विधानसभा परिसर में ‘हर्बल’ और ‘नक्षत्र’ वाटिका का उपहार

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी की विशेष पहल पर राजस्थान विधानसभा के भीतर भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए ‘हर्बल वाटिका’ और ‘नक्षत्र वाटिका’ तैयार की गई है। यह नवाचार न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि परिसर की सुंदरता और सकारात्मक ऊर्जा में भी वृद्धि करेगा। आज, 5 मई को सुबह 10 बजे, डॉ. देवनानी अन्य राज्यों के स्पीकर्स के साथ इन वाटिकाओं का आधिकारिक लोकार्पण करेंगे।

Jaipur राजस्थानी संस्कृति से मेहमानों का भव्य सत्कार

जयपुर पहुँचे अतिथि विधानसभा अध्यक्षों का स्वागत विशुद्ध राजस्थानी परंपरा के अनुसार किया जा रहा है। विधानसभा आगमन पर लोक कलाकारों द्वारा सारंगी की मधुर धुनों पर “पधारो म्हारो देश” का गायन और प्रसिद्ध ‘कच्छी घोड़ी’ नृत्य के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया जाएगा। यह आयोजन संसदीय विमर्श के साथ-साथ राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत करेगा।

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