रिपोर्टर: नेहा गुप्ता
Bhojpur : जिले में बुधवार रात आए चक्रवाती तूफान और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बड़हरा प्रखंड के महुली घाट पर स्थित पीपा पुल का एक बड़ा हिस्सा तेज हवा और पानी के दबाव के कारण बह गया। पुल टूटने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। यह पुल दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों को शहर से जोड़ने वाली एकमात्र लाइफलाइन थी, जिसके क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोग बीच में फंस गए हैं। वर्तमान में लोग जान जोखिम में डालकर छोटी नावों के जरिए नदी पार करने को मजबूर हैं।
Bhojpur आवागमन पूरी तरह बाधित, प्रशासन हुआ सक्रिय
पीपा पुल का किनारा बह जाने से छोटे और बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर जिला प्रशासन ने पुल की मरम्मत के लिए इंजीनियरों और तकनीकी टीम को मौके पर रवाना कर दिया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जलस्तर और हवा की गति कम होते ही पुल को जोड़ने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए ताकि आम जनता को हो रही परेशानी को कम किया जा सके।
Bhojpur पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था चरमराई
बारिश और आंधी का असर केवल पुल तक ही सीमित नहीं रहा। जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में विशालकाय पेड़ उखड़कर बिजली के तारों पर गिर गए हैं। इससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है और कई फीडर ठप पड़े हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी क्षतिग्रस्त खंभों और तारों को ठीक करने में लगे हैं, लेकिन कीचड़ और जलजमाव के कारण मरम्मत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Bhojpur स्थानीय लोगों की बढ़ी मुश्किलें
पीपा पुल टूटने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक मजदूरों को हो रही है। नाव का सहारा लेने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां जल्द से जल्द पीपा पुल को दुरुस्त किया जाए और भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए एक स्थायी कंक्रीट पुल का निर्माण कराया जाए ताकि हर साल मानसून और आंधी के समय पैदा होने वाली इस समस्या का अंत हो सके।
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