Pradosha Vrat 28 April 2026 भौम प्रदोष व्रत का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार आज भौम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है, जिसे मंगल प्रदोष भी कहा जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और मान्यता है कि इसे रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है, और इसकी मुख्य पूजा प्रदोष काल में की जाती है, जो सूर्यास्त के आसपास शुरू होकर लगभग डेढ़ घंटे तक रहता है।
Pradosha Vrat 28 April 2026 आज का प्रदोष काल समय (28 अप्रैल 2026)
नीचे प्रमुख शहरों के अनुसार प्रदोष काल का समय दिया गया है:
- नई दिल्ली / नोएडा: 06:54 PM – 09:04 PM
- लखनऊ: 06:51 PM – 08:48 PM
- कानपुर: 06:51 PM – 08:50 PM
- पटना: 06:51 PM – 08:30 PM
- प्रयागराज: 06:51 PM – 08:43 PM
- पुणे: 06:55 PM – 09:10 PM
- मुंबई: 07:00 PM – 09:14 PM
- जयपुर: 06:58 PM – 09:08 PM
- जम्मू: 07:10 PM – 09:17 PM
- चंडीगढ़: 06:59 PM – 09:08 PM
- बेंगलुरु: 06:51 PM – 08:51 PM
- चेन्नई: 06:51 PM – 08:41 PM
Pradosha Vrat 28 April 2026 प्रदोष व्रत पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- भगवान शिव को जल अर्पित करें।
- प्रदोष काल में पुनः स्नान कर पूजा की तैयारी करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, फूल, चंदन आदि चढ़ाएं।
- शिव चालीसा का पाठ करें और किसी मंत्र का 108 बार जाप करें।
- प्रदोष व्रत कथा सुनें और अंत में आरती करें।
- भगवान को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें।
Pradosha Vrat 28 April 2026 व्रत से जुड़े जरूरी नियम
- व्रत के दौरान एक समय भोजन या फलाहार लिया जा सकता है।
- मन और वाणी को शुद्ध रखें।
- क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को करने से पहले अपनी श्रद्धा और विश्वास अनुसार निर्णय लें।
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