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Report by: Santosh Saravagi

Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में अवैध शराब माफियाओं के विरुद्ध जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने अपनी कमर कस ली है। ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के कड़े निर्देशों के बाद, आबकारी विभाग ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न कंजर डेरों और संवेदनशील इलाकों में एक साथ छापेमारी कर अवैध शराब के काले साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान विभाग ने लाखों रुपये मूल्य का कच्चा माल (लाहन) बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे शराब माफियाओं को भारी वित्तीय चोट पहुँची है।

Gwalior कंजर डेरों में दबिश: आबकारी विभाग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

आबकारी उपायुक्त श्री संदीप शर्मा और सहायक आबकारी आयुक्त श्री राकेश कुर्मी के कुशल मार्गदर्शन में विभाग ने मुखबिरों का एक मजबूत जाल बिछाया था। सूचना मिलते ही आबकारी बल ने नयागांव, बरई, घाटीगांव और मोहना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नयागांव कंजर डेरा, बरई कंजर डेरा और घाटीगांव कंजर डेरा जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में एक साथ दबिश दी। पुलिस और आबकारी बल की इस अचानक हुई कार्रवाई से शराब बनाने वाले संचालकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। छापेमारी का दायरा नयागांव बंजारे का पुरा और बरसाना मोहल्ले तक फैला हुआ था।

Gwalior जमीन के भीतर छिपे थे ‘मौत’ के गोदाम: 3900 किलो लाहन नष्ट

कार्रवाई के दौरान टीम ने पाया कि माफियाओं ने पकड़े जाने के डर से शराब बनाने की सामग्री को प्लास्टिक की टंकियों, ड्रमों और यहाँ तक कि जमीन के अंदर गहरे गड्ढे खोदकर छिपा रखा था। आबकारी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 3900 किलोग्राम गुड़ लाहन बरामद किया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही लाहन के नमूने लिए और शेष भारी मात्रा में मौजूद कच्चे माल को फैलाकर नष्ट कर दिया। यदि यह लाहन शराब में तब्दील हो जाता, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।

Gwalior हाथ भट्टी शराब और उपकरण जब्त: 5 गंभीर मामले दर्ज

घेराबंदी के दौरान घाटीगांव के आदिवासी और बरसाना मोहल्ले से कच्ची शराब का जखीरा भी बरामद हुआ। प्लास्टिक की केन और बाल्टियों में भरी हुई 37 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। इसके अलावा, अवैध शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली दो बड़ी कीमती स्टील भट्ठियाँ भी विभाग के हाथ लगी हैं। इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 34(1)(च) के अंतर्गत कुल 5 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। विभाग के अनुसार, नष्ट किए गए लाहन और जब्त उपकरणों की कुल अनुमानित कीमत 4,37,000 रुपये आंकी गई है।

Gwalior मुस्तैद टीम और निरंतर अभियान का संकल्प

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में ग्वालियर कंट्रोल रूम प्रभारी श्री राजेश तिवारी के नेतृत्व वाली टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में उपनिरीक्षक सतेंद्र सिंह मीणा, शिवा रघुवंशी, रोशनी पाटीदार सहित आरक्षक रवि बघेल, भरत जाटव और अन्य जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आबकारी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि अवैध मदिरा के विनिर्माण, संग्रह और परिवहन के विरुद्ध यह विशेष अभियान जिले में निरंतर और अधिक आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।

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