Report by: Himanshu Kumar
Nalanda : बिहार के नालंदा जिले से मंगलवार को एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। चैत्र मास के अंतिम मंगलवार के अवसर पर बिहारशरीफ स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ अचानक भगदड़ में तब्दील हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 श्रद्धालुओं की जान जाने की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।



चैत्र मेले की भीड़ बनी काल: कैसे हुआ हादसा?
Nalanda चैत्र माह का आखिरी मंगलवार होने के कारण शीतला माता मंदिर में तड़के से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में लगे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, माता के दर्शन की होड़ और संकरी गलियों में अत्यधिक दबाव के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई।

- अचानक मची अफरा-तफरी: प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंदिर परिसर में प्रवेश को लेकर धक्का-मुक्की शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे, जिससे दम घुटने और दबने से मौतें हुईं।
- अव्यवस्था के आरोप: श्रद्धालुओं का आरोप है कि मेले की विशाल भीड़ को देखते हुए पुलिस और मंदिर प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
- राहत कार्य: सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों और बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक; मुआवजे का ऐलान
Nalanda इस हृदयविदारक घटना पर देश और राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा दुख प्रकट किया है। पीड़ितों की सहायता के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है:
- बिहार सरकार की सहायता: मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजनों को 6 लाख रुपये (आपदा प्रबंधन और मुख्यमंत्री राहत कोष मिलाकर) की आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया है।
- केंद्र सरकार की ओर से राहत: प्रधानमंत्री ने घटना को दुखद बताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है।
- मुफ्त इलाज: राज्य सरकार ने सभी घायलों के समुचित और मुफ्त इलाज के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं।
प्रशासनिक जांच के आदेश और वर्तमान स्थिति
Nalanda हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
- उच्च स्तरीय जांच: जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम इस बात का पता लगाएगी कि क्या सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
- शोक का माहौल: बिहारशरीफ और आसपास के इलाकों में इस समय सन्नाटा और गम का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं अस्पताल में मौजूद रहकर घायलों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
Also Read This: Roorkee: गंग नहर में नहाते समय डूबे दो किशोरों के शव बरामद, 5 दिन बाद खत्म हुआ सर्च ऑपरेशन

