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Report by: Yogendra Singh

Pilibhit : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सरवनपुरी में खड़ी एक कार में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने न केवल मोहल्ले में अफरा-तफरी मचा दी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली और समय पर मिलने वाली सहायता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मोहल्ले में अफरा-तफरी: पुलिस के सामने राख हुई कार

Pilibhit घटना की शुरुआत मोहल्ला सरवनपुरी में उस समय हुई जब एक खड़ी कार से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय निवासियों ने तत्काल डायल 112 पुलिस को सूचना दी।

  • मूकदर्शक बनी पुलिस: सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मी केवल तमाशबीन बने रहे।
  • जनता का प्रयास: जब पुलिस की ओर से कोई सक्रिय कदम नहीं उठाया गया, तो मोहल्ले के लोग खुद ही बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। हालांकि, आग इतनी तेज थी कि लोगों की कोशिशें नाकाफी साबित हुईं और कार पुलिस की मौजूदगी में ही जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई।

फायर ब्रिगेड की भारी लापरवाही: 1 घंटे बाद पहुंची मदद

Pilibhit इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा आक्रोश फायर ब्रिगेड की देरी को लेकर देखा जा रहा है। आग लगने के तुरंत बाद दमकल विभाग को सूचित किया गया था, लेकिन उनकी टीम को घटनास्थल तक पहुँचने में लगभग 1 घंटे का समय लग गया।

इस देरी के कारण:

  1. कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।
  2. पास ही खड़ी दूसरी कार भी आग की जद में आने वाली थी, जिसे स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बचाया।
  3. आग की लपटें पास के घरों तक पहुँचने का खतरा पैदा हो गया था।

प्रशासनिक तंत्र पर उठे सवाल: क्या सुरक्षित है जनता?

Pilibhit लगभग एक घंटे की देरी के बाद पहुँची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मोहल्ले वासियों ने दमकल विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय पर दमकल की गाड़ी पहुँच जाती, तो कार को जलने से बचाया जा सकता था और जोखिम को कम किया जा सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि शहर के बीचों-बीच होने वाले हादसों में भी अगर आपातकालीन सेवाएं इतनी देरी से प्रतिक्रिया देंगी, तो किसी बड़े हादसे को रोकना असंभव होगा। प्रशासन को इस लापरवाही की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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