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Report by: Avinash Srivastwa

Rohtas : बिहार के रोहतास जिले से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। चेनारी प्रखंड में एक जनप्रतिनिधि को विभाग की शिथिलता की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। रविवार की रात डिहरियाँ पंचायत के वार्ड सदस्य सदानंद तिवारी की बिजली के खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर कर दिया है।

खंभे पर चढ़ते ही दौड़ा करंट, मौके पर हुई मौत

Rohtas घटना रविवार रात करीब 8 बजे की है, जब खैरा गाँव निवासी और वार्ड पार्षद सदानंद तिवारी (पिता: गोवर्धन तिवारी) अपने गाँव के कुछ साथियों के साथ बिजली की खराबी ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। बताया जा रहा है कि उस समय लाइन कटी हुई थी, लेकिन जैसे ही वह तार के संपर्क में आए, अचानक हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया।

करंट इतना भीषण था कि सदानंद तिवारी की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई और उनका निष्प्राण शरीर घंटों खंभे पर ही लटका रहा। हादसे के वक्त उनके साथ मौजूद लोग डर के मारे मौके से फरार हो गए, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।

ग्रामीणों का आरोप: विभाग ने नहीं सुनी पुकार, खुद उठानी पड़ी जिम्मेदारी

Rohtas स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि खैरा गाँव में पिछले कई दिनों से ट्रांसफार्मर और जर्जर तारों में खराबी की समस्या बनी हुई थी। इसकी सूचना कई बार लिखित और मौखिक रूप से विभागीय अधिकारियों और लाइनमैन को दी गई थी, लेकिन कोई भी कर्मी मरम्मती के लिए नहीं पहुँचा।

अंततः थक-हारकर वार्ड सदस्य ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खुद ही तार दुरुस्त करने का निर्णय लिया, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि यदि विभाग समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो आज एक जनप्रतिनिधि की जान नहीं जाती।

मौके पर पहुँचे आला अधिकारी, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा

Rohtas हादसे की जानकारी मिलते ही सासाराम सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) डॉ. नेहा कुमारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दिलीप कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। खंभे पर लटके शव को देखकर अधिकारियों ने भी स्थिति की गंभीरता को समझा।

  • अधिकारियों की फटकार: एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने घटनास्थल पर ही बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और इसे विभाग की अक्षमता करार दिया।
  • पुलिसिया कार्रवाई: पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया।
  • जांच के बिंदु: पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो वार्ड सदस्य के साथ खंभे के पास मौजूद थे। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि शटडाउन होने के बावजूद अचानक बिजली कैसे चालू हो गई।

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