Gariaband : जिले के फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवसरा जंगल में बड़े पैमाने पर सागौन की अवैध कटाई की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने देर रात एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ मौके से लाखों रुपये मूल्य की बेशकीमती सागौन की लकड़ी बरामद की गई है।
कम्पार्टमेंट 33 में आधी रात को दबिश: क्या है पूरा मामला?
Gariaband जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि देवसरा जंगल के कम्पार्टमेंट नंबर 33 में लकड़ी तस्कर सक्रिय हैं और चोरी-छिपे बेशकीमती सागौन के पेड़ों को काटकर ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही वन अमले की एक विशेष टीम गठित की गई और आधी रात को जंगल की घेराबंदी कर दबिश दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से तस्करों को भागने का मौका नहीं मिला। मौके पर बड़ी संख्या में सागौन के लट्ठे (Timber Logs) बरामद हुए, जिनकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
तीन आरोपी हिरासत में: तस्करी नेटवर्क का होगा खुलासा
Gariaband वन विभाग की टीम ने मौके से अवैध कटाई और लोडिंग में शामिल तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस अवैध कारोबार के तार अंतरजिला तस्करों से जुड़े हो सकते हैं।
विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि:
- ये तस्कर कटी हुई लकड़ी को किस आरा मिल या व्यापारी को बेचने वाले थे?
- क्या इस गिरोह में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं?
- पिछले कुछ समय में इस क्षेत्र से और कितनी लकड़ी पार की गई है?
जंगलों की सुरक्षा पर विभाग का कड़ा रुख
Gariaband वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जंगलों की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुँचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिंगेश्वर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील कम्पार्टमेंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध कटाई या अतिक्रमण जैसी गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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