By: Ishu Kumar
Jamtara : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए बेंगलुरु एक्सप्रेस से पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद किया। बताया जा रहा है कि इन बच्चों को मजदूरी के लिए बेंगलुरु ले जाया जा रहा था। गुप्त सूचना मिलने के बाद आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया और बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 22306 साप्ताहिक बेंगलुरु एक्सप्रेस में नाबालिग बच्चों को बाहर ले जाने की सूचना मधुपुर स्थित आश्रय संस्था को दिल्ली की जीआरसी हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही संस्था से जुड़ी दीपा कुमारी ने तुरंत मधुपुर आरपीएफ से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद आरपीएफ ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी।
शुरुआती सूचना में 25 बच्चों की थी बात, जांच में मिले 5 बच्चे
Jamtara सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की टीम ने संबंधित ट्रेन में सघन जांच अभियान चलाया। शुरुआती जानकारी में बताया गया था कि ट्रेन में करीब 25 बच्चों को ले जाया जा रहा है। हालांकि तलाशी के दौरान केवल पांच नाबालिग बच्चे ही मिले। आरपीएफ ने सभी बच्चों को सुरक्षित ट्रेन से उतार लिया और उनसे पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के अलग-अलग प्रखंडों के रहने वाले हैं। बच्चों के अनुसार वे देर रात जसीडीह रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे। उन्हें बताया गया था कि बेंगलुरु में एक कंपनी में उन्हें काम दिया जाएगा, जहां वे दिहाड़ी मजदूरी कर सकेंगे। इस खुलासे के बाद मामला बाल श्रम और मानव तस्करी की आशंका से भी जोड़ा जा रहा है।

बाल कल्याण समिति के संरक्षण में रखे गए बच्चे
Jamtara आरपीएफ ने बच्चों को बरामद करने के बाद पूरे मामले की सूचना जिला बाल कल्याण समिति को दे दी। इसके बाद सभी बच्चों को समिति के संरक्षण में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही बच्चों के परिजनों से संपर्क करने की भी कोशिश की जा रही है।
इस पूरे बचाव अभियान में आरपीएफ इंस्पेक्टर श्रमिक दास गुप्ता, अधिकारी शक्ति कुमार समेत कई आरपीएफ जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे। इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य भी मौके पर मौजूद थे और बच्चों को सुरक्षित रखने में सहयोग कर रहे थे।
आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को मजदूरी के लिए बाहर ले जाने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन बच्चों को किसके माध्यम से और किस उद्देश्य से बेंगलुरु ले जाया जा रहा था। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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