India AI Impact SummitIndia AI Impact Summit
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India AI Impact Summit : नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ का पहला बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट माना जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत को AI और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करना है। इस दौरान दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

अंतरराष्ट्रीय नेताओं का स्वागत और सांस्कृतिक आयोजन

India AI Impact Summit समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और अन्य वैश्विक नेताओं का पारंपरिक भारतीय अंदाज में स्वागत किया। इसमें श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और कई अन्य देशों के नेता शामिल थे।

स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने ड्रम, तानपुरा और नादस्वरम की धुनों के बीच ‘नमस्ते’ कर अतिथियों का अभिनंदन किया। भारत मंडपम को आकर्षक सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजाया गया था। इस प्रकार सम्मेलन ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक तकनीकी उपलब्धियों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।

द्विपक्षीय बैठकें और तकनीकी सहयोग

India AI Impact Summit समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कुल 9 द्विपक्षीय बैठकों में भाग लिया। इनमें भूटान, स्पेन, क्रोएशिया, फिनलैंड और एस्टोनिया के नेताओं के साथ AI, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ब्लू इकॉनमी, IMEEC कॉरिडोर, इंडिया-EU FTA और डिजिटल सहयोग पर गहन चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने गूगल के CEO सुंदर पिचाई और सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक विनोद खोसला से भी मुलाकात की। इन बैठकों में उभरती तकनीकों, आर्थिक साझेदारी और डिजिटल नवाचार को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अलावा, क्रोएशिया और एस्टोनिया के नेताओं के सम्मान में डिनर का आयोजन किया गया, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वैश्विक नेताओं को भारतीय संस्कृति से परिचित कराया गया।

समिट की थीम: ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’

India AI Impact Summit समिट में 500 से अधिक AI लीडर्स, 150 अकादमिक और शोधकर्ता तथा 400 से अधिक CTOs और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। इस सम्मेलन की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ थी, जो पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस के तीन स्तंभों पर आधारित है।

इस समिट का लक्ष्य AI को मानव-केंद्रित विकास और समावेशी प्रगति के लिए इस्तेमाल करना है। भारत के लिए यह सम्मेलन तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत AI क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व निभाने और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस समिट ने न केवल तकनीकी दृष्टि से, बल्कि वैश्विक कूटनीति और व्यापार सहयोग के दृष्टिकोण से भी भारत की स्थिति को मजबूत किया है।

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