by-Ravindra Sikarwar
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक 21 वर्षीय युवक ने अपनी कावासाकी निंजा बाइक पर लगी अवैध और संशोधित नंबर प्लेट को सोशल मीडिया पर चैलेंजिंग तरीके से शेयर किया, जिसमें लिखा था ‘मुझे पकड़ लो अगर कर सको’। यह चुनौती पुणे पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को टैग करके दी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में नहीं लिया। मात्र कुछ घंटों में ही युवक को ट्रैक कर लिया गया, बाइक जब्त कर ली गई और जुर्माना वसूल किया गया। इस घटना ने न केवल युवक को शर्मिंदा किया, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल होकर ट्रैफिक नियमों के पालन पर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। स्थानीय लोगों ने इसे ‘स्क्रिप्टेड’ बताकर मजाक उड़ाया, लेकिन पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना भी की।
घटना का पूरा विवरण: चुनौती से कार्रवाई तक
यह पूरी घटना 13 नवंबर 2025 को शुरू हुई जब युवक का एक दोस्त ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बाइक की तस्वीर पोस्ट की। तस्वीर में कावासाकी निंजा बाइक की चमचमाती नंबर प्लेट साफ दिख रही थी, जो मूल रूप से पंजीकृत नंबर से अलग थी। प्लेट पर लिखा था ‘मुझे पकड़ लो अगर कर सको’ (Catch me if you can), जो हॉलीवुड फिल्म से प्रेरित लग रहा था। इस पोस्ट में पुणे पुलिस (@PuneCityPolice) और पुणे सिटी ट्रैफिक पुलिस (@pcbt_pune) को टैग किया गया था, मानो पुलिस को खुला चैलेंज दिया जा रहा हो। पोस्ट कैप्शन में लिखा था, “यह देखिए, क्या आप इसे पकड़ पाएंगे?”
यह नंबर प्लेट मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 50 के उल्लंघन के दायरे में आती है, जो वाहनों पर मानक और पंजीकृत नंबर प्लेट लगाने का प्रावधान करती है। संशोधित प्लेट न केवल अवैध है, बल्कि यह ट्रैफिक कैमरों और पुलिस की निगरानी को चकमा देने का प्रयास भी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी प्लेटें चोरी के वाहनों को छिपाने या जुर्माने से बचने के लिए इस्तेमाल होती हैं। पुणे में हाल के वर्षों में ऐसी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जहां युवा अपनी फैंसी बाइक्स पर कस्टम प्लेट लगाकर सोशल मीडिया पर दिखावा करते हैं।
पोस्ट वायरल होते ही पुणे पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस आयुक्त रिटेश राजपूरकर के नेतृत्व में साइबर सेल और ट्रैफिक ब्रांच ने मिलकर जांच शुरू की। पोस्ट से यूजर का आईपी एड्रेस ट्रेस किया गया, जो युवक के दोस्त से जुड़ा था। उसके बाद, युवक का नाम और पता मिला गया। शाम तक ही पुलिस टीम ने युवक के घर पहुंचकर बाइक जब्त कर ली। युवक का नाम रहिल बताया जा रहा है, जो एक स्थानीय कॉलेज छात्र है। पूछताछ में उसने बताया कि यह ‘मजाक’ था और उसे लगा कि पुलिस इसे नजरअंदाज कर देगी। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया।
पुलिस की प्रतिक्रिया: ‘हम कर सकते हैं, हम करेंगे’
पुणे पुलिस ने अपनी आधिकारिक एक्स हैंडल से एक मजेदार लेकिन सख्त जवाब दिया। उन्होंने वही तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हम कर सकते हैं, हम करेंगे! अवैध नंबर प्लेट लगाना मजाक नहीं है। बाइक जब्त, जुर्माना वसूला गया। ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें।” इस पोस्ट को हजारों लाइक्स और शेयर्स मिले। पुलिस ने युवक से सार्वजनिक माफी मंगवाई, जिसकी वीडियो भी जारी की गई। माफी में युवक ने कहा, “मैंने गलती की, अब से नियमों का पालन करूंगा। सबको सॉरी।”
जुर्माने की राशि 5,000 रुपये बताई जा रही है, जो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत संशोधित प्लेट के लिए निर्धारित है। इसके अलावा, बाइक को आरटीओ में ले जाकर मूल प्लेट लगवाने का आदेश दिया गया। यदि युवक ने दोबारा ऐसा किया, तो वाहन जब्ती और लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं और बहस:
यह घटना सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। कई यूजर्स ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की तारीफ की, जबकि कुछ ने मजाक उड़ाते हुए लिखा, “यह तो स्क्रिप्टेड लग रहा है, जैसे पुलिस का प्रचार!” एक यूजर ने कमेंट किया, “युवा आजकल रील्स के चक्कर में कानून तोड़ते हैं, लेकिन पुलिस का जवाब कमाल का है।” दूसरी ओर, ट्रैफिक सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे एक उदाहरण बताया। वे कहते हैं कि ऐसी अवैध प्लेटें न केवल दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, बल्कि अपराधियों को भी मदद करती हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में महाराष्ट्र में 15% ट्रैफिक उल्लंघनों में संशोधित प्लेटें शामिल थीं।
पुणे ट्रैफिक पुलिस ने इस मौके पर एक जागरूकता अभियान शुरू किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “अवैध नंबर प्लेट = खतरा। सड़क पर सुरक्षा सबसे ऊपर। रिपोर्ट करें अगर देखें।” अभियान में युवाओं को टारगेट किया गया है, जो फैंसी वाहनों पर ज्यादा फोकस करते हैं।
कानूनी पहलू और सलाह:
मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, नंबर प्लेट पर कोई संशोधन या अतिरिक्त लिखावट अवैध है। यह आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत भी आ सकता है यदि चोरी या फर्जीवाड़े से जुड़ा हो। पुलिस ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर ऐसी चुनौतियां देना उल्टा पड़ सकता है, क्योंकि डिजिटल ट्रेसिंग आसान है।
वाहन मालिकों के लिए सलाह:
- हमेशा आरटीओ से पंजीकृत प्लेट ही लगाएं।
- कस्टम प्लेट के लिए विशेष अनुमति लें।
- ट्रैफिक ऐप्स से नियम चेक करें।
- यदि अवैध प्लेट देखें, तो 100 या ट्रैफिक हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।
व्यापक प्रभाव: ट्रैफिक सुरक्षा पर सबक
यह घटना पुणे में ट्रैफिक अनुशासन को मजबूत करने का प्रतीक बन गई। शहर में प्रतिदिन 500 से अधिक ट्रैफिक चेकिंग होती हैं, और ऐसी कार्रवाइयां युवाओं में जागरूकता ला रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए स्कूलों में ट्रैफिक शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए पुणे पुलिस की वेबसाइट या एक्स हैंडल चेक करें। यह मामला न केवल हंसी-मजाक का विषय है, बल्कि सड़क सुरक्षा की याद दिलाता है। युवक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, लेकिन उम्मीद है कि अन्य इससे सीख लेंगे।
