By: Ravindra Sikarwar
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक महत्वपूर्ण ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं से सीधा संवाद करेंगे और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने तथा समृद्धि की राह आसान बनाने के लिए प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन हॉल में आयोजित किया जाएगा, जहां देश-विदेश में नाम कमाने वाले युवा प्रतिभागी शामिल होंगे। कार्यक्रम दो सत्रों में विभाजित है। पहले सत्र में युवाओं को संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते के विचार और मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। इसके बाद सुबह 11 बजे शुरू होने वाले मुख्य सत्र में डॉ. मोहन भागवत युवाओं से संवाद करेंगे। इस दौरान वे संघ की सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा करेंगे और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह करेंगे।
संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का देशव्यापी प्रवास जारी है। इसी सिलसिले में वे भोपाल में 3 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। भोपाल प्रवास के दौरान युवाओं, समाज के विभिन्न वर्गों और मातृशक्ति से उनका संवाद संघ की विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
‘समर्थ युवा’ थीम पर सजा आयोजन स्थल
आयोजन स्थल कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन हॉल को विशेष रूप से ‘समर्थ युवा’ थीम पर सजाया गया है। पूरे परिसर में लगे होर्डिंग्स और बैनर्स पर भारत की प्रमुख उपलब्धियों जैसे ऑपरेशन सिंदूर, मंगलयान मिशन और वैश्विक पटल पर देश की बढ़ती साख को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इन चित्रों और संदेशों का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास और राष्ट्र गौरव की भावना जगाना है। सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक प्रबंध किए गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
3 जनवरी के प्रमुख कार्यक्रम
डॉ. भागवत के भोपाल प्रवास का दूसरा दिन भी विभिन्न आयोजनों से भरा रहेगा। सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ‘सामाजिक सद्भाव बैठक’ का आयोजन होगा। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता, एकता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस अवसर पर समाज को एक सूत्र में बांधने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालेंगे।
इसी दिन शाम 5 बजे ‘शक्ति संवाद’ कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें भोपाल की प्रमुख महिलाएं (मातृशक्ति) शामिल होंगी। इस संवाद में परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर गहन चर्चा होगी। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक नेतृत्व को बढ़ावा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरएसएस का शताब्दी वर्ष पूरे देश में विभिन्न स्तरों पर उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भोपाल में होने वाले ये कार्यक्रम न केवल युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को प्रेरित करेंगे, बल्कि संघ की मूल विचारधारा – राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और स्वयंसेवी भावना – को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होंगे। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा का सही उपयोग करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने की प्रेरणा देते हैं। आने वाले समय में ऐसे संवाद देश के युवाओं को अधिक जिम्मेदार और समर्थ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
