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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य देशभर के नागरिकों को उनकी भूली-बिसरी वित्तीय संपत्तियों को आसानी से दावा करने में मदद करना है। इस अभियान का नाम ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ रखा गया है, जो उन अनक्लेम्ड फंड्स और एसेट्स को लक्षित करता है जो विभिन्न वित्तीय संस्थानों, बैंकों और सरकारी योजनाओं में जमा पड़े हैं। यह कदम वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और आम आदमी की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य:
भारत में लाखों लोग अपनी बचत, शेयर, म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसी या पेंशन जैसी संपत्तियों को भूल जाते हैं या उनके बारे में जानकारी नहीं रख पाते। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, देश में अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स की राशि 35,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है, जबकि शेयर मार्केट में अनक्लेम्ड डिविडेंड्स और शेयरों का मूल्य 10,000 करोड़ रुपये से ऊपर है। इसी तरह, पोस्ट ऑफिस, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) और अन्य योजनाओं में भी अरबों रुपये बिना दावेदार के पड़े हैं।

वित्त मंत्रालय ने इस समस्या से निपटने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया है। ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान के तहत, नागरिकों को एक एकीकृत पोर्टल के माध्यम से अपनी सभी संभावित अनक्लेम्ड एसेट्स की जानकारी प्राप्त करने और दावा करने की सुविधा दी जाएगी। सीतारामन ने लॉन्च इवेंट के दौरान कहा, “यह अभियान हर भारतीय को उनकी मेहनत की कमाई को वापस पाने का अधिकार दिलाने के लिए है। हमारी सरकार का मानना है कि कोई भी पैसा बेकार नहीं पड़ा रहना चाहिए; यह लोगों की संपत्ति है और इसका हकदार वही है।” उन्होंने जोर दिया कि यह पहल वित्तीय साक्षरता को बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने में भी सहायक होगी।

अभियान के प्रमुख घटक:
यह अभियान कई चरणों में चलाया जाएगा और इसमें निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं शामिल हैं:

  1. एकीकृत डिजिटल पोर्टल: वित्त मंत्रालय, आरबीआई, सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) और अन्य नियामक संस्थाओं के सहयोग से एक सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया गया है। नागरिक अपना नाम, आधार नंबर या पैन कार्ड डालकर सर्च कर सकेंगे कि उनके नाम पर कोई अनक्लेम्ड फंड्स तो नहीं हैं। पोर्टल का नाम ‘क्लेम योर एसेट्स’ रखा गया है, जो अगले हफ्ते से पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
  2. जागरूकता अभियान: सोशल मीडिया, टीवी विज्ञापनों, रेडियो और स्थानीय स्तर पर कैंपों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और वरिष्ठ नागरिकों को लक्षित करते हुए वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में भी वित्तीय शिक्षा के सत्र शामिल किए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी ऐसी भूलों से बच सके।
  3. सरलीकृत दावा प्रक्रिया: पहले दावा करने की प्रक्रिया जटिल होती थी, जिसमें कई दस्तावेज और लंबी प्रक्रियाएं शामिल थीं। अब, ई-केवाईसी (नो योर कस्टमर) के जरिए दावा 15 दिनों के अंदर निपटाया जाएगा। यदि कोई विवाद हो, तो हेल्पलाइन नंबर 1800-XXX-XXXX पर तत्काल सहायता उपलब्ध होगी।
  4. सुरक्षा उपाय: साइबर धमकियों से बचाव के लिए पोर्टल में एडवांस्ड एन्क्रिप्शन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का उपयोग किया जाएगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कोई भी प्राइवेट एजेंसी या ऐप इस प्रक्रिया के नाम पर फीस नहीं वसूल सकती।

लॉन्च इवेंट और प्रतिक्रियाएं:
आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित लॉन्च समारोह में वित्त मंत्री के अलावा वित्त सचिव, आरबीआई गवर्नर और सेबी चेयरमैन भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई, जिसमें एक आम परिवार की कहानी दिखाई गई जो अपनी भूली हुई बचत को वापस पाकर आर्थिक रूप से मजबूत होता है। सीतारामन ने डेमो के जरिए पोर्टल का उपयोग दिखाया और पहले 100 दावेदारों को सर्टिफिकेट प्रदान किए।

उद्योग जगत और विशेषज्ञों ने इस पहल की सराहना की है। फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) की अध्यक्ष ने कहा, “यह कदम अर्थव्यवस्था में निष्क्रिय पूंजी को सक्रिय करने में मदद करेगा, जो जीडीपी वृद्धि को बढ़ावा देगा।” वहीं, कंज्यूमर एक्टिविस्ट ने इसे “लोग-केंद्रित सुधार” करार दिया। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंच न होने के कारण ऑफलाइन कैंपों को और मजबूत किया जाए।

अपेक्षित प्रभाव और आगे की राह:
सरकार का अनुमान है कि इस अभियान से अगले एक वर्ष में कम से कम 20% अनक्लेम्ड फंड्स का दावा हो जाएगा, जिससे लाखों परिवारों को लाभ पहुंचेगा। यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण लाएगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय स्थिरता को भी मजबूत करेगा। वित्त मंत्री ने अंत में आह्वान किया, “अपनी संपत्ति की जांच करें, दावा करें और अपना अधिकार पाएं।”

यह अभियान भारत की डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम है, जो पारदर्शिता और समावेशिता को प्राथमिकता देता है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.claimyourassets.gov.in पर जाएं।

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