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by-Ravindra Sikarwar

मध्यप्रदेश इस समय नवंबर महीने की अब तक की सबसे तीव्र ठंड की चपेट में है। पहाड़ों पर जारी बर्फबारी और उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे मैदानी इलाके को कंपा दिया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क गया। राजधानी भोपाल में यदि पारा महज 0.3 डिग्री और गिरता है, तो 84 साल पुराना रिकॉर्ड (30 नवंबर 1941 का 6.1 डिग्री) टूट जाएगा।

भोपाल-इंदौर में 6.4 डिग्री, राजगढ़ सबसे ठंडा:
शनिवार-रविवार की रात भोपाल और इंदौर दोनों में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ जिले में यह 6.0 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में तो एक ही रात में पारा 3.2 डिग्री तक गिर गया – शुक्रवार रात 9.6 डिग्री से सीधे रविवार रात 6.4 डिग्री। यह पिछले 25 साल में नवंबर का सबसे कम तापमान है।

प्रमुख शहरों का तापमान (17 नवंबर 2025, रात):

  • राजगढ़: 6.0 डिग्री 
  • भोपाल: 6.4 डिग्री 
  • इंदौर: 6.4 डिग्री 
  • उमरिया: 7.3 डिग्री 
  • रीवा: 7.4 डिग्री 
  • नौगांव (छतरपुर): 7.6 डिग्री 
  • मलाजखंड-मंडला: 8.8 डिग्री 
  • शिवपुरी: 9.0 डिग्री 
  • छिंदवाड़ा: 9.2 डिग्री 
  • दमोह: 9.6 डिग्री 
  • बैतूल: 9.7 डिग्री 
  • उज्जैन: 10.5 डिग्री 
  • ग्वालियर: 10.1 डिग्री 

जबलपुर में भी इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। यहां पारा पहली बार 8.5 डिग्री तक पहुंचा, जबकि दिन का तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम 25.8 डिग्री रहा।

इन जिलों में शीतलहर की चेतावनी:
मौसम विभाग ने अगले 24-48 घंटे के लिए गंभीर शीतलहर (Cold Wave Warning) जारी की है। प्रभावित जिलों में शामिल हैं:

भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, डिंडौरी और अनूपपुर।

पिछले आठ दिनों से भोपाल में लगातार शीतलहर का प्रभाव बना हुआ है। सीहोर, शहडोल, रीवा और राजगढ़ में भी लगातार ठिठुरन बनी हुई है।

उत्तर भारत में भी कड़ाके की ठंड:
हिमाचल प्रदेश के ताबो में तापमान -6.6 डिग्री तक लुढ़क गया। राजस्थान के फतेहपुर (सीकर) में 5 डिग्री और सीकर में 5.4 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी बढ़ गया है। पंजाब, हरियाणा, बिहार और झारखंड में भी तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और उत्तर से लगातार बर्फीली हवाएं आने के कारण यह असामान्य ठंड पड़ रही है। अगले तीन-चार दिन तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़े, हीटर और जरूरत पड़ने पर अलाव का सहारा लें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलते समय पूरी सावधानी बरतें।

मध्यप्रदेश इस नवंबर में सचमुच कांप रहा है – और अभी तो सर्दी का असली मौसम शुरू भी नहीं हुआ!

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