By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर शहर में बुनियादी ढांचे को मज़बूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर की पहली व्हाइट टॉपिंग फोर-लेन सड़क के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। यह सड़क न्यू कलेक्ट्रेट से अलापुर होते हुए सिरोल तिराहा तक बनाई जा रही है।
इस परियोजना का वर्क ऑर्डर लगभग 8 महीने के इंतजार और लंबी टेंडर प्रक्रिया के बाद जारी किया गया, जिसके बाद मंगलवार से निर्माण का पहला चरण शुरू हो गया है।
8.61 करोड़ की लागत से बनेगी आधुनिक फोर-लेन सड़क
परियोजना की कुल लागत 8.61 करोड़ रुपये है। यह सड़क शहर के सबसे व्यस्त और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को जोड़ती है, जिसके कारण इसके निर्माण को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बनने वाली यह सड़क सामान्य डामर सड़कों की तुलना में अधिक मजबूत मानी जाती है। यह भारी वाहनों, बारिश और तापमान में बढ़ोतरी से भी कम प्रभावित होती है।
कौन-कौन से क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?
नई सड़क बनने से इन इलाकों में रहने वाले करीब 10 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा:
- न्यू कलेक्ट्रेट क्षेत्र
- अलापुर
- सिरोल तिराहा के आसपास के मोहल्ले
- पास के ग्रामीण एवं शहरी मिश्रित इलाक़े
इन क्षेत्रों के निवासियों को अब बेहतर कनेक्टिविटी, कम ट्रैफिक जाम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
ट्रैफिक दबाव कम होगा
यह मार्ग शहर के उत्तर–पूर्वी हिस्से को जोड़ता है और प्रतिदिन हजारों वाहन इस रूट का उपयोग करते हैं। फोर-लेन बनने के बाद:
- ट्रैफिक जाम कम होगा
- आवागमन में समय की बचत होगी
- एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को तेज़ रूट मिलेगा
- व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी
व्हाइट टॉपिंग तकनीक के फायदे
- जीवनकाल सामान्य सड़क से दोगुना
- गड्ढे बनने की संभावना बहुत कम
- मेंटेनेंस लागत कम
- मौसम में बदलाव का कम प्रभाव
आगामी महीनों में निर्माण तेज़ होगा
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। बरसात से पहले सड़क का एक बड़ा हिस्सा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
