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by-Ravindra Sikarwar

मुंबई: पश्चिमी रेलवे की एक लोकल ट्रेन में उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला यात्री ने अपनी चोरी हुई पर्स वापस न मिलने पर गुस्से में ट्रेन का शीशा तोड़ डाला। घटना 28 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 6:45 बजे बोरीवली-विरार सेक्शन की वसई रोड स्टेशन के पास हुई। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी पर्स चोरी होने के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उसने खुद ही “न्याय” करने का फैसला लिया। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें महिला चप्पल से शीशा पीटते और चिल्लाते नजर आ रही है। रेलवे ने महिला के खिलाफ वैंडलिज्म की शिकायत दर्ज कर ली है, जबकि महिला का दावा है कि वह मानसिक तनाव में थी।

घटना का पूरा घटनाक्रम: चोरी से तोड़फोड़ तक
महिला का नाम प्रियंका शर्मा (नाम परिवर्तित, 32 वर्ष) बताया जा रहा है, जो ठाणे की रहने वाली हैं और एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं। वह रोजाना विरार से चर्चगेट की लोकल से यात्रा करती हैं।

समयघटना
6:30 PMविरार स्टेशन पर चढ़ी। लेडीज कोच में भीड़।
6:35 PMवसई रोड पहुंचते ही पर्स गायब। अंदर ₹8,000 नकद, आधार, PAN, डेबिट कार्ड, मोबाइल।
6:37 PMसाथ की महिलाओं से पूछताछ, किसी को शक।
6:40 PMGRP कंट्रोल रूम को फोन, लेकिन कोई तुरंत मदद नहीं।
6:45 PMगुस्से में चप्पल निकाली, शीशा पर 7-8 वार। शीशा चटक गया।
6:50 PMअन्य यात्री रोके, वीडियो बनाया। ट्रेन नायगांव स्टेशन पर रुकी।

वीडियो में क्या दिखा?

  • महिला चिल्ला रही: “मेरा पर्स चोर ले गया, पुलिस कुछ नहीं कर रही! मैं क्या करूं? मेरे पैसे, कार्ड सब गए!”
  • उसने चप्पल से शीशा पर बार-बार मारा, जिससे कांच के टुकड़े बिखर गए।
  • अन्य महिलाएं समझाती रहीं, लेकिन वह नहीं मानी।
  • अंत में वह रोते हुए बैठ गई।

महिला का पक्ष: “पुलिस की लापरवाही ने मजबूर किया”
प्रियंका ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“मैंने तुरंत GRP को फोन किया, लेकिन उन्होंने कहा ‘ट्रेन रुकने पर आकर शिकायत करो’। मैं अकेली महिला हूं, रात हो रही थी, मेरे पास एक रुपया भी नहीं बचा। मैं डर गई थी। पर्स में मेरा सबकुछ था। गुस्से में मैंने शीशा तोड़ा। हाँ, गलत किया, लेकिन पुलिस ने पहले मदद की होती तो ऐसा नहीं होता।”

  • पर्स में सामान: ₹8,000 नकद, 2 डेबिट कार्ड, आधार, PAN, कंपनी ID, घर की चाबी, मासिक पास।
  • मानसिक स्थिति: वह पिछले हफ्ते ही नौकरी में तनाव से गुजर रही थी।

रेलवे और पुलिस की कार्रवाई:

संस्थाकार्रवाई
पश्चिमी रेलवेवसई रोड स्टेशन मास्टर ने FIR दर्ज की (IPC धारा 427 – संपत्ति को नुकसान)। जुर्माना ₹5,000-10,000 तक संभव।
GRP (वसई)महिला का बयान लिया। चोरी की अलग शिकायत दर्ज (IPC 379)। सीसीटीवी चेक कर रहे।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF)ट्रेन में अतिरिक्त महिला कांस्टेबल तैनात।

रेलवे अधिकारी का बयान: 
“हम यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन संपत्ति को नुकसान बर्दाश्त नहीं। चोरी की जांच अलग से हो रही है।”

चोरी की जांच: क्या मिले सुराग?

  • सीसीटीवी फुटेज: वसई रोड प्लेटफॉर्म पर 2 संदिग्ध महिलाएं दिखीं, जो पर्स लेकर भागीं।
  • मोबाइल ट्रैक: चोरी हुआ फोन स्विच ऑफ, लेकिन अंतिम लोकेशन नालासोपारा।
  • पर्स बरामद: अभी तक नहीं। लेकिन एक डेबिट कार्ड का दुरुपयोग वसई के ATM में हुआ (₹2,000 निकाले)।

सामाजिक प्रतिक्रिया: दो धड़े

पक्षमत
समर्थन में“महिलाएं असुरक्षित हैं। पुलिस तुरंत मदद नहीं करती। गुस्सा स्वाभाविक।”
विरोध में“गलत तरीके से न्याय नहीं लिया जाता। शीशा तोड़ना खतरे की बात। अन्य यात्री घायल हो सकते थे।”

महिला आयोग ने संज्ञान लिया। मुंबई पुलिस ने कहा, “चोरी रोकने के लिए लेडीज कोच में महिला पुलिस बढ़ाई जाएगी।”

सुरक्षा के लिए सुझाव:

  1. पर्स हमेशा आगे की जेब में।
  2. ज़िप लॉक बैग यूज करें।
  3. UPI ऐप पर निर्भर रहें, कम नकद रखें।
  4. हेल्पलाइन: RPF – 182, GRP – 1512।

सबक और भविष्य:
यह घटना महिला सुरक्षा, पुलिस रिस्पॉन्स टाइम और यात्री जागरूकता पर सवाल उठाती है। रेलवे ने वादा किया कि हर स्टेशन पर 5 मिनट में पुलिस पहुंचेगी। प्रियंका को मानसिक परामर्श की सलाह दी गई है।

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