By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण पूरे राज्य में तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे रातें और सुबहें बेहद सिहरन भरी हो गई हैं। खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, तो वहीं ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभागों में घना कोहरा छाया हुआ है। इससे दृश्यता बेहद कम हो गई है और सड़क, रेल तथा हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में शीतलहर और कोहरे का अलर्ट जारी किया है, जो आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।


राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में ठंड सबसे अधिक प्रचंड है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र, जिसमें इंदौर, उज्जैन, देवास और शाजापुर जैसे जिले शामिल हैं, बर्फ जैसी सर्दी का सामना कर रहा है। यहां रात का तापमान 4 से 7 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री, इंदौर में 4.5 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान शहडोल जिले का कल्याणपुर रहा, जहां पारा 3.5 डिग्री तक गिर गया। अन्य ठंडे इलाकों में राजगढ़, मंदसौर और शिवपुरी शामिल हैं, जहां तापमान 4-6 डिग्री के आसपास रहा। ये आंकड़े सामान्य से काफी नीचे हैं, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।
उत्तर भारत से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं इस सर्दी की मुख्य वजह हैं। दिसंबर और जनवरी में ये हवाएं सबसे ज्यादा प्रभावी होती हैं। इस साल नवंबर से ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। भोपाल में लगातार 15 दिनों तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर है। 17 नवंबर को भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री तक गिरा, जबकि इंदौर में 6.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो 25 साल की सबसे ठंडी रात थी। अब दिसंबर में भी यही सिलसिला जारी है, और मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी।
कोहरे ने राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता 1 किलोमीटर से भी कम हो गई। भोपाल, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, रायसेन और विदिशा में भी कोहरा देखा गया। इन क्षेत्रों में विजिबिलिटी 1 से 4 किलोमीटर के बीच रही। सुबह और शाम के समय सड़कों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, और चालकों को फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने व धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है।

यातायात पर कोहरे और ठंड का गहरा असर पड़ा है। रेल सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। दिल्ली से भोपाल और इंदौर आने वाली कई ट्रेनें 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी से चलीं। पंजाब मेल, शताब्दी एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें लेट हुईं। हवाई यातायात भी बाधित रहा। भोपाल एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु की फ्लाइट्स 20 मिनट से 1 घंटे देरी से उड़ीं। सड़क मार्गों पर भी वाहन रेंगते नजर आए, खासकर हाइवे पर।


इस ठंड और कोहरे से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। ठंड से सांस की बीमारियां, जोड़ों का दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों के लिए भी चिंता की बात है, क्योंकि कम तापमान से फसलों पर पाला पड़ने का खतरा है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि गर्म कपड़े पहनें, बाहर निकलते समय सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर घर में ही रहें।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का यह दौर जारी रहेगा। कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा, और उत्तर से ठंडी हवाएं और मजबूत हो सकती हैं। राज्यवासियों को धैर्य रखना होगा और सर्दी से बचाव के उपाय अपनाने होंगे। यह सर्दी न केवल चुनौती है, बल्कि प्रकृति का एक रूप भी, जो हमें गर्मियों की याद दिलाती है। उम्मीद है कि जल्द ही मौसम मेहरबान होगा, लेकिन फिलहाल कंपकंपी वाली ठंड से निपटने की तैयारी जरूरी है।
