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by-Ravindra Sikarwar

मुंबई: भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स के शेयरों में आज करीब 40 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों को चौंका दिया। स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की कीमत पिछले बंद भाव 660.90 रुपये से गिरकर 399 रुपये पर खुली, लेकिन यह गिरावट असली बाजार दुर्घटना नहीं बल्कि कंपनी के डीमर्जर (विभाजन) प्रक्रिया के कारण हुआ एक तकनीकी समायोजन है। इस प्रक्रिया के तहत टाटा मोटर्स को दो अलग-अलग कंपनियों में बांटा गया है – एक पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कारोबार पर केंद्रित रहेगी, जबकि दूसरी कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस को संभालेगी। निवेशकों को नए शेयर मिलेंगे, इसलिए कुल मूल्य में कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह घटना कंपनी की रणनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा है, जो लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकती है।

डीमर्जर की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया:
टाटा मोटर्स ने मार्च 2024 में अपने डीमर्जर प्लान की घोषणा की थी, जिसके तहत कंपनी को दो अलग-अलग इकाइयों में विभाजित किया जाना था। इस योजना को शेयरधारकों और नियामक अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद, 1 अक्टूबर 2025 से यह प्रभावी हो गई। रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2025 तय की गई थी, जिसका मतलब है कि इस तारीख तक शेयर रखने वाले निवेशकों को नई कंपनी के शेयर मिलने के हकदार हैं। डीमर्जर के बाद, मूल टाटा मोटर्स अब केवल पैसेंजर व्हीकल, EV और संबंधित कारोबार पर फोकस करेगी, जबकि कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को नई कंपनी ‘टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड’ (TMLCVL) में स्थानांतरित कर दिया गया है।

इस विभाजन का उद्देश्य दोनों कारोबारों को स्वतंत्र रूप से संचालित करना है, ताकि वे अपनी-अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकें। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में टाटा नेक्सॉन, टियागो और EV मॉडल्स जैसे उत्पादों के साथ मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि CV सेगमेंट में ट्रक और बस जैसे वाहनों का बाजार में दबदबा है। कंपनी के अनुसार, यह कदम निवेशकों को दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग निवेश का अवसर देगा, जिससे मूल्यांकन में सुधार हो सकता है।

शेयरों में गिरावट का कारण: तकनीकी समायोजन
शेयर बाजार में देखी गई 40% की गिरावट वास्तव में कंपनी के प्रदर्शन या बाजार की नकारात्मक प्रतिक्रिया से नहीं जुड़ी है। यह एक ‘नोशनल’ या नाममात्र की गिरावट है, जो डीमर्जर के दौरान शेयर कीमतों के समायोजन से हुई। जब कंपनी विभाजित होती है, तो मूल कंपनी की कीमत से अलग होने वाले कारोबार का मूल्य काट लिया जाता है। यहां, CV बिजनेस का मूल्य टाटा मोटर्स की कुल वैल्यू का एक बड़ा हिस्सा था, इसलिए शेयर कीमत में यह समायोजन दिखाई दिया। उदाहरण के लिए, यदि कोई निवेशक के पास 10 शेयर थे, तो अब उन्हें मूल कंपनी के 10 शेयरों के अलावा नई CV कंपनी के शेयर भी मिलेंगे, जिससे कुल मूल्य पहले जैसा ही रहेगा।

विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट स्टॉक ऐप्स या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई दे रही है क्योंकि CV डिवीजन का मूल्य मूल शेयर से हटा दिया गया है। 15 अक्टूबर से ट्रेडिंग केवल पैसेंजर व्हीकल वाले हिस्से के लिए हो रही है, जिसकी वजह से कीमत कम लग रही है। लेकिन वास्तविक बाजार मूल्य में कोई हानि नहीं हुई; यह सिर्फ एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है:
टाटा मोटर्स के शेयरधारकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। डीमर्जर के तहत, हर 10 शेयरों पर 7 नए CV कंपनी के शेयर मिलेंगे (एंटाइटलमेंट रेशियो 7:10)। यह प्रक्रिया 14 अक्टूबर की रिकॉर्ड डेट के आधार पर होगी, और नए शेयर जल्द ही निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कुल मिलाकर, निवेशकों का कुल निवेश मूल्य पहले जैसा रहेगा या बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों कंपनियां अलग-अलग लिस्टेड होंगी और बाजार में बेहतर वैल्यूएशन प्राप्त कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ निवेशकों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई है, जैसे रेडिट पर एक यूजर ने पूछा कि ‘शेयर 40% क्रैश हो गया, क्या हुआ?’ लेकिन विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह डीमर्जर का सामान्य प्रभाव है। अगर कोई निवेशक इस गिरावट को देखकर शेयर बेच देता है, तो वह नुकसान उठा सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।

बाजार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया:
शेयर बाजार में इस घटना ने शुरुआती उथल-पुथल पैदा की, लेकिन जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो गई। इक्विटी मास्टर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विश्लेषकों ने निवेशकों को सलाह दी कि वे लंबी अवधि के नजरिए से देखें। टाटा मोटर्स का EV सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है, और CV बिजनेस भी मजबूत है, इसलिए दोनों कंपनियां भविष्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। कुछ विशेषज्ञों ने इसे रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीमर्जर से तुलना की, जहां भी इसी तरह की कीमत समायोजन देखा गया था।

कंपनी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “यह गिरावट तकनीकी है और कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं। निवेशक नए शेयरों का इंतजार करें।” बाजार नियामक सेबी ने भी इस प्रक्रिया की निगरानी की है, और सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है।

आगे की राह और सलाह:
टाटा मोटर्स का डीमर्जर भारतीय कॉरपोरेट जगत में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कंपनी को अधिक फोकस्ड बनाने का प्रयास है। नए CV कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग जल्द होने की उम्मीद है, जिसके बाद शेयरधारकों को पूरा फायदा मिलेगा। निवेशकों को सलाह है कि वे अपनी होल्डिंग्स की जांच करें और पैनिक सेलिंग से बचें। अगर कोई संदेह है, तो ब्रोकर या फाइनेंशियल एडवाइजर से संपर्क करें।

यह घटना बाजार की जटिलताओं को दर्शाती है, जहां सतही आंकड़े भ्रामक हो सकते हैं। टाटा मोटर्स जैसे बड़े खिलाड़ी के लिए यह एक नई शुरुआत है, जो EV क्रांति और कमर्शियल सेक्टर में विकास की संभावनाओं से भरी है। बाजार विश्लेषक सकारात्मक हैं कि लंबे समय में यह निवेशकों के लिए लाभदायक साबित होगा।

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