by-Ravindra Sikarwar
जम्मू-कश्मीर में 26 अगस्त को वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में 34 तीर्थयात्रियों की मौत के बाद बढ़ते विरोध का सामना कर रहे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
इस समिति का उद्देश्य भूस्खलन के कारणों की विस्तृत जाँच करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुझाना है। यह निर्णय तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हादसे के लिए जिम्मेदार कारकों का पता लगाने के लिए लिया गया है।
समिति के गठन और उद्देश्य का विवरण:
- समिति का नेतृत्व: यह समिति उच्च-स्तरीय अधिकारियों से बनी है, जो घटना की गहन जांच करेंगे।
- जांच का दायरा: समिति को भूस्खलन के कारणों, बचाव कार्यों के दौरान हुई चूक और तीर्थयात्रियों को प्रदान की गई सुविधाओं का आकलन करने का काम सौंपा गया है।
- सिफारिशें: समिति अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और यात्रा मार्ग पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी।
इस दुखद घटना ने अधिकारियों और श्राइन बोर्ड पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उपराज्यपाल सिन्हा ने यह समिति गठित कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
इस भूस्खलन में जान गंवाने वाले तीर्थयात्रियों के परिवारों को प्रशासन की ओर से वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है, और घायलों का इलाज चल रहा है। इस घटना ने देशभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग जोर पकड़ रही है।
