by-Ravindra Sikarwar
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया एशिया कप मैच ने मैदान पर हुई जोरदार भिड़ंत से कहीं ज्यादा, उसके बाद हुई घटनाओं की वजह से सुर्खियां बटोरी हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव का पाकिस्तानी खिलाड़ियों से मैच के बाद हाथ न मिलाना एक बड़ा विवाद बन गया है। इस फैसले को उन्होंने टीम का सामूहिक निर्णय बताया और कहा कि कुछ चीजें खेल भावना से बढ़कर होती हैं।
यह घटना तब और भी ज्यादा चर्चा में आ गई जब इसके जवाब में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने मैच के बाद होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में हिस्सा नहीं लिया। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत मैच के टॉस से ही हो गई थी, जहां दोनों कप्तानों ने न तो हाथ मिलाया और न ही एक-दूसरे से कोई सीधा संपर्क साधा। उन्होंने सिर्फ मैच रेफरी को अपनी-अपनी टीम की सूची सौंपी और वापस चले गए।
इस मैच के बहिष्कार की मांग पहले से ही चल रही थी, क्योंकि अप्रैल में पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले में 26 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस हमले के जवाब में, मई में भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया था, जिसमें सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए, भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने को अनुचित माना।
सूर्यकुमार यादव ने मैच जीतने के बाद बिना किसी की तरफ देखे सीधे ड्रेसिंग रूम की तरफ चलना शुरू कर दिया। जब प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) ने उनसे इस फैसले के बारे में पूछा, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह पूरी टीम का फैसला था। उन्होंने कहा, “हम यहां सिर्फ खेलने आए थे। हमने उन्हें मैदान पर जवाब दे दिया। कुछ चीजें खेल भावना से ऊपर होती हैं। हम यह जीत हमारे सशस्त्र बलों को समर्पित करते हैं, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हिस्सा लिया और हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े हैं।”
इस घटना पर पाकिस्तान के खेमे से भी प्रतिक्रिया आई। पाकिस्तानी टीम के कोच माइक हेसन ने इस घटना पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा, “हम हाथ मिलाना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं किया, जिससे हमें निराशा हुई। हम अपने खेल से निराश हैं, लेकिन हम हाथ मिलाना चाहते थे।” उन्होंने यह भी बताया कि सलमान आगा का पुरस्कार समारोह में न आना इसी घटना का परिणाम था।
यह स्पष्ट है कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। यह फैसला भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ के एक महत्वपूर्ण सदस्य द्वारा लिया गया था, जिसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का भी समर्थन प्राप्त था। सूर्यकुमार यादव ने भी इस बात की पुष्टि की कि वे सरकार और बीसीसीआई के रुख के साथ हैं।
अब भारत और पाकिस्तान के बीच अगले रविवार को इसी स्थान पर एक और मैच होना है, और यह तय है कि इस घटना का तनाव और विवाद आने वाले मैच में भी देखने को मिलेगा।
