by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: सऊदी अरब में फंस चुके उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के एक युवक का एक मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में युवक भोजपुरी में गुहार लगाते हुए कहता नजर आ रहा है कि उसे जबरन हिरासत में रखा गया है और एक व्यक्ति द्वारा धमकियां दी जा रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय दूतावास ने त्वरित प्रतिक्रिया दी है, लेकिन अधिक विवरण उपलब्ध न होने के कारण युवक को खोजने में कठिनाई हो रही है।
वीडियो में युवक, जो खुद को प्रयागराज के हांड़िया प्रत्तापुर गांव का निवासी बता रहा है, एक ऊंट के सामने खड़ा होकर चिल्लाता है, “मैं मर जाऊंगा… कृपया मदद करें। मेरा पासपोर्ट कपिल नाम के व्यक्ति के पास है, जो मुझे मारने की धमकी दे रहा है।” वह अपने गांव और परिवार का जिक्र करते हुए भारत लौटने की व्यथा व्यक्त करता है। वीडियो को दिल्ली की वकील कल्पना श्रीवास्तव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर किया, जिसमें उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। श्रीवास्तव ने लिखा, “माननीय विदेश मंत्री जी, प्रयागराज हांड़िया प्रत्तापुर के निवासी सऊदी अरब में फंस गए हैं। कृपया तुरंत संज्ञान लें। सभी भाई-बहनों से अनुरोध है कि इस वीडियो को शेयर करें ताकि मदद पहुंच सके।”
यह वीडियो 23 अक्टूबर 2025 को वायरल हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने इसे रीपोस्ट किया। कई लोगों ने दूतावास और सरकार से युवक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की। वकील श्रीवास्तव ने आगे कहा कि युवक के परिवार से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
भारतीय दूतावास ने 24 अक्टूबर को एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया जारी की। दूतावास ने कहा, “हम इस व्यक्ति को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। वीडियो में सऊदी अरब के प्रांत, संपर्क नंबर या नियोक्ता का कोई विवरण नहीं है, इसलिए आगे कोई कदम नहीं उठाया जा सकता।” दूतावास ने वकील कल्पना श्रीवास्तव से स्रोत से अधिक जानकारी प्राप्त करने का अनुरोध किया है। साथ ही, प्रयागराज में युवक के परिवार या किसी अन्य को यदि कोई विश्वसनीय डिटेल्स पता हैं, तो सीधे दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है। दूतावास ने उत्तर प्रदेश पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को भी सूचित किया है।
यह घटना विदेशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों की असुरक्षा को उजागर करती है। सऊदी अरब में हजारों भारतीय मजदूर काम करते हैं, लेकिन पासपोर्ट जब्ती, कम वेतन और शोषण जैसी समस्याएं आम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित सत्यापन और कानूनी सहायता जरूरी है। दूतावास ने पहले भी ऐसे वायरल मामलों में सफलता हासिल की है, जैसे कि अन्य फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाना।
