By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर: लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात और शातिर अपराधी कपिल यादव को ग्वालियर पुलिस ने रविवार देर रात एक जोरदार मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शहर से सटे मोहनपुर क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे के पास हुई, जहाँ कपिल अपने साथियों के साथ छिपा बैठा था। मुठभेड़ में कपिल के बाएं पैर में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसके पास से एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद करने में सफल रही। कपिल पर हत्या, हत्या के प्रयास और कई आपराधिक मामलों में कुल दस हजार रुपये का इनाम घोषित था।
घटना की शुरुआत रविवार रात की है जब पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि कुछ दिन पहले मेला ग्राउंड क्षेत्र से भाग निकला कपिल यादव अब मोहनपुर के पास एक ईंट के भट्ठे पर छिपा हुआ है। इसके तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। एसपी ने स्वयं मौके पर मोर्चा संभाला और कई थानों की फोर्स के साथ इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस जब भट्ठे के पास पहुंची तो अंधेरे का फायदा उठाकर छिपे कपिल और उसके साथियों को ललकारा गया कि वे हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दें। लेकिन जवाब में कपिल ने अचानक पुलिस पार्टी पर गोली चला दी। गोली चलने की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और सधे हुए निशाने से फायरिंग की, जिसमें कपिल के बाएं पैर में गोली लगी। गोली लगते ही वह जोर से चीखा और जमीन पर गिर पड़ा। उसके साथी मौका पाकर अंधेरे में भाग निकले।
घायल हालत में कपिल को पुलिस ने फौरन काबू में लिया और इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और कुछ खाली खोल बरामद किए हैं।
दंड। कपिल के खिलाफ ग्वालियर जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, लूट और आर्म्स एक्ट सहित दर्जनों गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
दरअसल, 21 नवंबर की शाम को जमीन विवाद में कपिल यादव और उसके गुर्गों ने दो सगे भाइयों पर निर्मम हमला किया था। दोनों भाइयों को चाकू और लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया था और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इस घटना के बाद से कपिल पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता में था। रविवार रात को ही उसका एक करीबी साथी अमन यादव वैगनआर कार सहित मेला ग्राउंड से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कपिल उस समय अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। पुलिस ने उसके सभी ठिकानों पर दबिश दी और आखिरकार उसे मोहनपुर में दबोच लिया।
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने सोमवार सुबह प्रेस को बताया, “कपिल यादव एक खतरनाक और शातिर अपराधी है। उस पर दस हजार रुपये का इनाम था। हमारी टीम ने रातभर उसकी तलाश की और आज सुबह मुठभेड़ में उसे घायल अवस्था में पकड़ लिया। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और सूचना तंत्र का बेहतरीन उदाहरण है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
इस मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में राहत की लहर है। स्थानीय लोग लंबे समय से कपिल और उसके गिरोह के आतंक से परेशान थे। कई लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की खुलकर सराहना की है। पुलिस अब कपिल के अन्य फरार साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे पहुंचाने का दावा कर रही है।
