Uttarakhand : चार धाम यात्रा के सुरक्षित और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तरकाशी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम यात्रा से जुड़े प्रमुख मार्गों और पड़ावों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा, पैदल मार्ग, यात्री सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत और जल आपूर्ति, स्वच्छता, पार्किंग, आवास और आपदा प्रबंधन सहित सभी तैयारियों का जायजा लिया। डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएं।
Uttarakhand यात्रा रूट पर निर्बाध सेवाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एनएच, लोनिवि, जल संस्थान और विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर सभी सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी को समन्वय के साथ काम करना होगा।

Uttarakhand पैदल मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर जोर
डीएम ने यात्रा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही घोड़े-खच्चरों के लिए गर्म पानी और पड़ाव स्थलों पर स्वच्छता की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा और सुविधा संबंधी कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य, विद्युत और आपदा प्रबंधन की तैयारी
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल राहत पोस्ट, एंबुलेंस, आवश्यक दवाइयां और पर्याप्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश दिए ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके। इसके अलावा, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल को मुख्य मार्ग और मंदिर परिसर में स्ट्रीट लाइट्स और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा। भूस्खलन जोन में मरम्मत कार्य तेज करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए भी आदेश दिए गए ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उत्तरकाशी प्रशासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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