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By: Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) के टर्मिनल-1 पर एक बेहद चौंकाने वाली वारदात हुई है। यहां एक यात्री ने एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट पर न केवल अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने बल्कि शारीरिक हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़ित यात्री अंकित दीवान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जा रहे थे, लेकिन यह घटना उनके लिए एक दर्दनाक अनुभव बन गई। सबसे दुखद बात यह है कि यह पूरा विवाद उनकी छोटी बच्ची के सामने हुआ, जिससे 7 साल की बेटी गहरे सदमे में चली गई है।

अंकित दीवान ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वे अपनी पत्नी, 7 वर्षीय बेटी और मात्र 4 महीने की छोटी बच्ची के साथ स्पाइसजेट की फ्लाइट से यात्रा कर रहे थे। छोटे बच्चे को स्ट्रॉलर में ले जाने के कारण एयरपोर्ट अधिकारियों ने उन्हें स्टाफ और विशेष जरूरत वाले यात्रियों की सिक्योरिटी चेक लाइन का उपयोग करने की अनुमति दी थी। यह लाइन आमतौर पर एयरलाइन कर्मचारियों के लिए आरक्षित होती है, लेकिन परिवारों की सुविधा के लिए कभी-कभी यात्रियों को भी इसमें जगह मिल जाती है।

इसी लाइन में खड़े होने के दौरान कुछ स्टाफ सदस्य आगे निकलने की कोशिश करने लगे। अंकित ने जब इसका विरोध किया तो वहां मौजूद एयर इंडिया एक्सप्रेस के कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल (जो उस समय ऑफ-ड्यूटी थे और खुद यात्री के रूप में另一 एयरलाइन से यात्रा कर रहे थे) भड़क उठे। अंकित के अनुसार, पायलट ने उन्हें अपमानित करते हुए कहा कि क्या वे अनपढ़ हैं और साइनबोर्ड नहीं पढ़ सकते, जहां स्पष्ट लिखा था कि यह प्रवेश केवल स्टाफ के लिए है।

यहां से मामला बहस में बदल गया और देखते-ही-देखते हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित यात्री का दावा है कि कैप्टन वीरेंद्र ने उन पर मुक्का मारा, जिससे उनका चेहरा लहूलुहान हो गया। खून बहने की वजह से पायलट की शर्ट पर भी खून के धब्बे लग गए। अंकित ने अपनी पोस्ट में अपनी चोटिल तस्वीरें और पायलट की फोटो साझा की हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। उन्होंने लिखा कि यह हमला उनके परिवार के सामने हुआ, जिससे उनकी बेटी ने अपने पिता को पीटते देखा और अब वह डरी-सहमी हुई है। पूरी छुट्टी का मजा किरकिरा हो गया और परिवार की मानसिक शांति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इस घटना ने एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर ऑफ-ड्यूटी स्टाफ भी इस तरह का व्यवहार करेंगे तो आम लोग कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? खासकर जब छोटे बच्चे और परिवार साथ हों। अंकित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें दबाव डालकर एक पत्र लिखवाया गया, जिसमें उन्होंने मामला आगे न बढ़ाने की बात कही, वरना उनकी फ्लाइट छूट जाती और लाखों की बुकिंग बर्बाद हो जाती। उन्होंने दिल्ली पुलिस और एयरपोर्ट प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अपील की है।

मामले ने तूल पकड़ते ही एयर इंडिया एक्सप्रेस ने त्वरित कार्रवाई की। एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना पर गहरा अफसोस जताया और स्पष्ट किया कि आरोपी पायलट उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, बल्कि खुद यात्री के रूप में यात्रा कर रहे थे। कंपनी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी ड्यूटी से हटा दिया है और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। बयान में कहा गया है कि इस तरह के व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच पूरी होने पर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

दिल्ली एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी पीड़ित के पोस्ट पर जवाब देते हुए खेद जताया और मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, अभी तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर उठे हंगामे के बाद सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

यह घटना एक बार फिर एयर ट्रैवल में बढ़ते तनाव और धैर्य की कमी को उजागर करती है। लाइन में आगे निकलने जैसे छोटे विवादों का इतना बड़ा रूप लेना चिंताजनक है। उम्मीद की जाती है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पर उचित कार्रवाई होगी, ताकि यात्रियों का भरोसा कायम रहे। फिलहाल परिवार सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सोशल मीडिया पर लोग यात्री सुरक्षा के मुद्दे पर बहस कर रहे हैं।

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