By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत अब अमृत काल की राह पार करते हुए शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है, जहाँ राष्ट्र का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व स्थापित करना है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, भारत की बदलती वैश्विक भूमिका और मध्यप्रदेश के विकास की दिशा पर व्यापक रूप से अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में मौजूद बड़ी संख्या में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सिंधिया के वक्तव्य को ध्यानपूर्वक सुना। उनका कहना था कि आज देश आर्थिक, औद्योगिक, रणनीतिक और तकनीकी मोर्चों पर जिस तरह आगे बढ़ रहा है, वह स्वतंत्रता के बाद के सबसे परिवर्तनकारी चरणों में से एक है।
अमृत काल से शताब्दी काल: विकास की नई परिभाषा
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में वह आधार तैयार किया है, जिस पर आने वाले 25 से 50 सालों का भविष्य टिका होगा।
उन्होंने कहा—
“अमृत काल वह दौर है जिसमें हमने आत्मनिर्भर भारत का आधार तैयार किया। अब हम शताब्दी काल की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ भारत विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरेगा।”
सिंधिया ने स्पष्ट किया कि शताब्दी काल केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आत्मविश्वासी, आधुनिक और वैश्विक भारत का निर्माण है, जहाँ तकनीक, नवाचार, अधोसंरचना और मानव विकास मुख्य स्तंभ होंगे।
ग्वालियर–चंबल क्षेत्र का बढ़ता महत्व
अपने संबोधन में सिंधिया ने यह भी कहा कि जिस गति से मध्यप्रदेश और विशेषकर ग्वालियर–चंबल क्षेत्र में विकास कार्य हो रहे हैं, वह आने वाले समय में इस क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक व शैक्षणिक हब में बदल देगा।
उन्होंने कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि—
- ग्वालियर में चल रही स्मार्ट सिटी परियोजनाएँ तेजी से पूरी हो रही हैं।
- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं।
- क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को विश्वस्तरीय स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सिंधिया ने कहा कि आने वाले समय में ग्वालियर मध्यप्रदेश का ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत का प्रमुख विकास केंद्र बनेगा।
भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर
सिंधिया ने अपने भाषण में यह भी बताया कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाला देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि—
- भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में एक है।
- रक्षा क्षेत्र में भारत उपभोक्ता से निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में बढ़ चुका है।
- डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने आम नागरिक से लेकर उद्योगों तक नए अवसर खोले हैं।
- स्टार्टअप इंडिया की वजह से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत वह देश है जिसकी आवाज़ वैश्विक मंचों पर सुनी जाती है और सम्मान के साथ स्वीकार की जाती है।
युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की मुख्य भूमिका निभाने का आह्वान
सिंधिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 25 से 50 वर्षों में भारत की उन्नति का आधार उसके युवा होंगे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि—
“भारत की असली ताकत उसके युवा हैं। शताब्दी काल की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है। तकनीक, नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता में युवा जितना आगे बढ़ेंगे, भारत उतना ही विश्व में अग्रणी बनेगा।”
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नए अवसरों का लाभ उठाएँ, कौशल विकास करें और नवाचार के क्षेत्र में योगदान दें।
लोक निर्माण और बुनियादी ढांचे की नई दिशा
सिंधिया ने कहा कि वर्तमान समय में भारत उस स्तर पर खड़ा है जहाँ अधोसंरचना का विकास देश की आर्थिक शक्ति को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने बताया कि—
- देश में एक्सप्रेस-वे, हाईवे और रेलवे कॉरिडोर का तेजी से विस्तार हो रहा है।
- मध्यप्रदेश में नए औद्योगिक कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क, पानी, बिजली और डिजिटल नेटवर्क की सुविधाएँ अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाई जा रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल होगा।
आर्थिक और सामाजिक सुधारों पर प्रकाश
अपने भाषण में सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, गरीब कल्याण और आर्थिक सुधारों पर एक साथ काम किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि—
- उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना, जनधन खाते, आयुष्मान भारत जैसे कार्यक्रमों ने गरीबों को सुरक्षा प्रदान की है।
- कर प्रणाली और डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने अर्थव्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाया है।
- कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई योजनाओं से गति मिली है।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों का लाभ आने वाले दशकों तक देश की जनता को मिलता रहेगा।
नया भारत, नई दिशा**
अपने संबोधन के अंत में सिंधिया ने कहा कि भारत आज निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। अमृत काल की उपलब्धियों ने देश को मजबूत आधार दिया है और अब शताब्दी काल की दिशा में बढ़ते हुए भारत एक विश्वगुरु, मजबूत अर्थव्यवस्था और आधुनिक राष्ट्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने जनता से अपील की कि विकास की इस यात्रा में सब मिलकर कदम बढ़ाएँ और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त भारत का निर्माण करें।
