By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख कार्यक्रम का साक्षी बनने जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 25 दिसंबर को ग्वालियर के दौरे पर आएंगे। यह दौरा पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किए जा रहे विशेष कार्यक्रम के तहत होगा। इस अवसर पर शहर में ‘मध्य प्रदेश अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री का यह दौरा अल्पकालिक होगा, लेकिन कार्यक्रम और संदेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे करीब 2 से 3 घंटे तक ग्वालियर में रहेंगे। इस दौरान वे न केवल ग्रोथ समिट में भाग लेंगे, बल्कि मंच से संबोधन कर प्रदेश के विकास, निवेश और आर्थिक संभावनाओं को लेकर अपने विचार भी साझा करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति और निवेशक मौजूद रहेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार जयंती के अवसर पर विकास और निवेश केंद्रित ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य मध्य प्रदेश को औद्योगिक और आर्थिक रूप से मजबूत राज्य के रूप में स्थापित करना है। समिट के माध्यम से राज्य में निवेश के नए अवसरों, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर चर्चा की जाएगी।
गृह मंत्री अमित शाह का इस कार्यक्रम में शामिल होना ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए भी खास माना जा रहा है। लंबे समय बाद किसी बड़े केंद्रीय मंत्री का इस तरह का कार्यक्रम शहर में हो रहा है, जिससे क्षेत्र के विकास को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। प्रशासन और भाजपा संगठन स्तर पर दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन तक पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, ग्रोथ समिट में राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, औद्योगिक नीतियों और निवेश प्रस्तावों को प्रस्तुत किया जाएगा। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि अमित शाह अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उनके सपनों के भारत और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर जोर देंगे। साथ ही, मध्य प्रदेश को विकास के नए पायदान पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई जा सकती है।
ग्वालियर में इस आयोजन को लेकर आम लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस तरह के बड़े आयोजन से ग्वालियर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और निवेशकों का रुझान बढ़ेगा। व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में इसका सकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, 25 दिसंबर को होने वाला यह दौरा न केवल अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को समर्पित रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास रोडमैप को गति देने वाला भी साबित हो सकता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ग्रोथ समिट से राज्य और विशेष रूप से ग्वालियर को क्या नई सौगातें मिलती हैं।
