By: Ravindra Sikarwar
उज्जैन जिले के नागदा थाना क्षेत्र के पास स्थित पीरझलार गांव के निकट रविवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक युवक और एक युवती ने आपसी रिश्ते में आ रही परेशानियों से तंग आकर चामला नदी में छलांग लगा दी। दोनों की मौत हो गई। पुलिस और ग्रामीणों ने करीब सात घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद देर शाम दोनों के शव बरामद कर लिए गए। प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका सबसे प्रबल है।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान 22 वर्षीय नेहा (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है, जो उज्जैन जिले के एक गांव की रहने वाली थी। जबकि युवक की उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है और उसका नाम अभी गोपनीय रखा गया है। दोनों पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके रिश्ते को लेकर परिवारों में गहरे मतभेद थे। सबसे दुखद बात यह रही कि युवती को न केवल उसके प्रेमी के परिवार वाले स्वीकार नहीं कर रहे थे, बल्कि उसकी अपनी मां और मामा ने भी उसे घर से निकाल दिया था। अकेलेपन, पारिवारिक दबाव और भविष्य को लेकर निराशा ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने अपने प्रेमी के साथ जीवन खत्म करने का फैसला कर लिया।
दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर स्थानीय लोगों ने देखा कि एक युवक और युवती नदी किनारे आए, कुछ देर बातचीत करते रहे और अचानक हाथ पकड़कर नदी के गहरे पानी में कूद गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक दोनों पानी की तेज धारा में बह चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही नागदा पुलिस मौके पर पहुंची। चामला नदी में उस जगह पानी का स्तर 15-20 फीट तक था और धारा भी तेज थी, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कत आई।
पुलिस ने तुरंत दो नावों की व्यवस्था की और इंदौर व उज्जैन से पेशेवर गोताखोरों को बुलाया। साथ ही स्थानीय गोताखोर और नाविक भी जुट गए। दोपहर 2 बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन शाम करीब 8:30 बजे तक चलता रहा। पहले युवती का शव करीब 200 मीटर दूर नीचे की ओर फंसा हुआ मिला। आधे घंटे बाद युवक का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागदा के सरकारी अस्पताल भिजवाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि युवती पिछले कई दिनों से अपने मामा के यहां रह रही थी, लेकिन वहां भी उसे मानसिक तनाव था। मां ने दूसरी शादी कर ली थी और मामा भी उससे दूरी बनाए हुए थे। ऐसे में वह पूरी तरह अकेली पड़ गई थी। दूसरी तरफ युवक भी अपने परिवार के सख्त विरोध के कारण परेशान चल रहा था। दोनों ने कई बार साथ जीने-मरने की बात कही थी और आखिरकार उन्होंने इसे अमल में बदल दिया।
पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन जांच रही है। व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और आखिरी लोकेशन के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने यह कदम एकदम से उठाया या पहले से योजना थी। साथ ही परिवार वालों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह प्रेम प्रसंग से उपजा आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने वह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर प्रेम करने वालों को इतना मजबूर क्यों किया जाता है कि वे मौत को गले लगा लें? परिवारों का विरोध, सामाजिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी कितनी जानें लेगी? उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में भी ऐसी घटनाएं बताती हैं कि अभी हमें अपने बच्चों की भावनाओं को समझने और उन्हें सहारा देने की बहुत जरूरत है।
