by-Ravindra Sikarwar
सिंगापुर: सिंगापुर की एक अदालत ने दो भारतीय पर्यटकों को होटल के कमरों में दो सेक्स वर्कर्स पर हमला करने और उनकी लूटपाट करने के अपराध में पांच वर्ष और एक माह की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, दोनों को 12 कोड़े मारने की सजा भी दी गई है। आरोपी, 23 वर्षीय अरोक्कियासामी डेज़न और 27 वर्षीय राजेंद्रन मयिलरासन ने अदालत में अपराध कबूल कर लिया। यह घटना अप्रैल माह में घटी थी, जब ये दोनों भारत से सिंगापुर घूमने आए थे। सिंगापुर के सख्त कानूनों के तहत, लूट के दौरान चोट पहुंचाने वाले अपराधियों को न्यूनतम 5 वर्ष की जेल और 12 कोड़ों की सजा अनिवार्य है।
घटना की पूरी कथा:
अप्रैल 2025 में भारत से सिंगापुर पहुंचे ये दोनों युवक छुट्टियां मनाने के इरादे से आए थे। 24 अप्रैल को सिंगापुर पहुंचने के दो दिन बाद, यानी 26 अप्रैल को, वे लिटिल इंडिया इलाके में टहल रहे थे। तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और पूछा कि क्या वे सेक्सुअल सेवाओं के लिए सेक्स वर्कर्स को हायर करना चाहते हैं। उस व्यक्ति ने दो महिलाओं के संपर्क नंबर प्रदान किए और वहां से चला गया।
अरोक्कियासामी ने राजेंद्रन से कहा कि उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं और वे इन महिलाओं से संपर्क करके होटल के कमरे में उन्हें लूट लें। राजेंद्रन ने इस योजना में सहमति जताई। पहले हमले की योजना शाम करीब 6 बजे बनाई गई। उन्होंने जालन बेसार इलाके के एक होटल के कमरे में पहली महिला को बुलाया। जैसे ही महिला कमरे में पहुंची, दोनों ने उसके हाथ-पैर कपड़ों से बांध दिए और थप्पड़ मारे। इसके बाद उन्होंने महिला से लगभग 2,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 1.37 लाख रुपये) नकद, आभूषण, पासपोर्ट और बैंक कार्ड लूट लिए।
रात करीब 11 बजे, उन्होंने दूसरी महिला को डेस्कर रोड के एक अन्य होटल में बुलाया। महिला के पहुंचते ही दोनों ने उसके हाथों को पकड़कर उसे कमरे के अंदर घसीटा। राजेंद्रन ने महिला का मुंह ढक दिया ताकि वह चिल्ला न सके। फिर उन्होंने उससे 800 सिंगापुर डॉलर (करीब 55,000 रुपये) नकद, दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट चुरा लिया। लूट के बाद, उन्होंने महिला को धमकी दी कि वे वापस लौटेंगे, इसलिए वह कमरे से बाहर न निकले। कुल मिलाकर, दोनों ने करीब 2,800 सिंगापुर डॉलर (लगभग 1.93 लाख रुपये) की चोरी की।
दूसरी महिला ने अगले दिन एक अन्य व्यक्ति को अपनी आपबीति सुनाई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सिंगापुर पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान, दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
अदालती कार्यवाही और सजा:
सिंगापुर की स्टेट कोर्ट में सुनवाई के दौरान, दोनों ने लूट के दौरान जानबूझकर चोट पहुंचाने के आरोप में दोषी ठहराया। जज ने दोनों को पांच वर्ष और एक माह की जेल की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक को 12 कोड़ों की शारीरिक सजा दी। सिंगापुर के कानून के अनुसार, लूट के दौरान चोट पहुंचाने का अपराध 5 से 20 वर्ष तक की जेल और कम से कम 12 कोड़ों की सजा का प्रावधान है। दोनों ने अपराध कबूल करने से सजा में कुछ छूट प्राप्त की, लेकिन न्यूनतम दंड से बच नहीं सके।
आरोपी का पक्ष और पृष्ठभूमि:
अदालत में अपना बयान देते हुए, अरोक्कियासामी ने कहा, “पिछले साल मेरे पिता का निधन हो गया। मेरी तीन बहनें हैं, जिनमें से एक शादीशुदा है, और हमारे पास कोई पैसा नहीं है। इसी आर्थिक तंगी के कारण हमने यह कदम उठाया।” राजेंद्रन ने भी भावुक होकर कहा, “भारत में मेरी पत्नी और बच्चा अकेले हैं, और वे आर्थिक रूप से परेशान हैं।” दोनों ने दावा किया कि सिंगापुर में पैसे खत्म हो जाने से मजबूरी में यह अपराध किया। हालांकि, अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए भी सजा में कोई ढील नहीं दी, क्योंकि अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह आवश्यक था।
सिंगापुर के कानून और सामाजिक प्रभाव:
सिंगापुर अपराधों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जाना जाता है, खासकर पर्यटकों द्वारा किए गए अपराधों में। इस मामले ने भारतीय पर्यटकों की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि सिंगापुर हर साल लाखों भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं पर्यटन उद्योग को प्रभावित कर सकती हैं। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि विदेश यात्रा के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने पर अपराध का सहारा न लें, बल्कि दूतावास या स्थानीय सहायता लें।
यह घटना महिलाओं के खिलाफ हिंसा और लूट के बढ़ते मामलों को भी उजागर करती है। सिंगापुर में सेक्स वर्कर्स की सुरक्षा के लिए पहले से सख्त उपाय हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारतीय दूतावास ने दोनों परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया है।
निष्कर्ष:
यह सजा सिंगापुर की न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता और कठोरता का उदाहरण है। अपराधियों को मिली सजा न केवल उन्हें सुधारने का अवसर देगी, बल्कि अन्य पर्यटकों के लिए चेतावनी भी बनेगी। आर्थिक समस्याओं का हल अपराध में नहीं, बल्कि ईमानदारी और मेहनत में है। अधिक जानकारी के लिए सिंगापुर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या भारतीय दूतावास से संपर्क करें।
