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By: Ravindra Sikarwar

मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में आगामी दो दिन राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से सराबोर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे मंत्रिमंडल के साथ 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में मौजूद रहेंगे, जहां विकास योजनाओं, विभागीय प्रगति, निवेश प्रस्तावों और वन संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की तैयारी है।

पहला दिन: विभागीय समीक्षा और निवेश प्रोत्साहन की बैठक
8 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरीय विकास, ऊर्जा, और ग्रामीण योजनाओं में चल रहे कार्यों की प्रगति पर चर्चा होने की संभावना है।

इसी दिन निवेश प्रोत्साहन से जुड़ी मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक भी रखी गई है, जिसमें सागर जिले के मसवासी क्षेत्र में 1500 एकड़ भूमि पर औद्योगिक निवेश के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बड़े उद्योगों को आकर्षित कर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाना है।

गुरुकुल का लोकार्पण और संग्रहालय भ्रमण
मुख्यमंत्री खजुराहो स्थित आदिवर्त संग्रहालय में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक गुरुकुल भवन का लोकार्पण करेंगे। इस मौके पर पारंपरिक संस्कृति और शिक्षा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।

महत्वपूर्ण गतिविधियाँ और कार्यक्रम
खजुराहो में दो दिनों के दौरान कई सार्वजनिक कार्यक्रम और विकास कार्यों का शुभारंभ निर्धारित है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं—

  • आदिवर्त संग्रहालय का भ्रमण एवं सांस्कृतिक संध्या
  • महाराजा छत्रसाल एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण
  • पन्ना टाइगर रिजर्व, कुटनी रिसॉर्ट डैम और स्नेह फॉल का दौरा
  • 27,055 लाख रुपये के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन
  • 24,010 लाख रुपये के 20 निर्माण कार्यों का लोकार्पण
  • राजनगर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
  • लाभार्थी महिलाओं के खातों में राशि अंतरित करने की प्रक्रिया और हितलाभ वितरण

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन, बुनियादी ढांचा, महिला कल्याण और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

चीतों के स्थानांतरण पर चर्चा
9 दिसंबर को आयोजित होने वाली मंत्रि-परिषद बैठक में चीतों के नौरादेही अभयारण्य में संभावित स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। इस प्रस्ताव पर व्यापक रणनीति और संरक्षण योजना भी तैयार की जाएगी। वन्यजीव संरक्षण को लेकर यह बैठक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पन्ना टाइगर रिजर्व और खजुराहो भ्रमण
बैठक के बाद मुख्यमंत्री और उनके साथ सम्मानित मंत्रिगण पन्ना टाइगर रिजर्व का दौरा करेंगे। इसके बाद वे खजुराहो के विश्वप्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन करेंगे और शाम को लाइट एंड साउंड शो में भाग लेंगे।

खजुराहो में होने वाला यह दो दिवसीय सरकारी शिविर केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि प्रदेश में विकास, पर्यटन, निवेश और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इन बैठकों के परिणाम प्रदेश की आगामी नीतियों और योजनाओं पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।

खजुराहो आने वाले दो दिन प्रशासनिक निर्णयों और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा, और प्रदेश की नीतियों पर इसका प्रभाव लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।

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