By: Ravindra Sikarwar
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस महकमे की छवि पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र में तैनात दो आरक्षक संतोष राठौर और आरक्षक धनेश साहू ड्यूटी के समय में ही थाने के भीतर शराब पार्टी करते पकड़े गए। हैरानी की बात यह रही कि जब एक युवक ने उनका वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एक आरक्षक संतोष राठौर भड़क गया। उसने न केवल युवक को गालियां दीं बल्कि जान से मारने की धमकी देते हुए उसका मोबाइल छीनने की कोशिश भी की। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आते ही मामला तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद बिलासपुर SSP ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया।
थाने के अंदर चल रही थी शराब पार्टी, युवक ने बनाया वीडियो
जानकारी के मुताबिक, यह घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के एक चौकी में हुई, जहां दो आरक्षक ड्यूटी के बीच शराब का सेवन कर रहे थे। थाने के भीतर शराब पीना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि यह पुलिस नियमों का भी गंभीर उल्लंघन है। इसी दौरान थाने में मौजूद एक युवक ने पूरी घटना अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर ली।
जैसे ही कॉन्स्टेबल ने युवक को वीडियो बनाते देखा, वह गुस्से से आग-बबूला हो गया। उसने युवक को धमकाते हुए कहा कि अगर वीडियो बाहर गया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसके साथ ही मोबाइल छीनने का प्रयास भी किया गया, जिससे युवक डर गया और पीछे हट गया। वीडियो में आरक्षक की धमकी और गाली-गलौज साफ सुनी जा सकती है।
वीडियो वायरल होते ही SSP ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैल गया। पुलिस विभाग की छवि धूमिल होने के बाद बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया। SSP कार्यालय की ओर से साफ कहा गया कि ड्यूटी के दौरान शराब सेवन करना और किसी नागरिक को धमकाना दोनों ही गंभीर कदाचार की श्रेणी में आते हैं।
विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि जांच टीम आरक्षकों के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस के भीतर इस घटना से असंतोष का माहौल बन गया है, क्योंकि कुछ कर्मचारी इसे अनुशासनहीनता की चरम सीमा बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों में नाराजगी, पुलिस पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि पुलिस जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए होती है, लेकिन जब पुलिसकर्मी ही नियमों को ताक पर रख देंगे तो भरोसा कैसे किया जाए? कई लोगों ने टिप्पणियों में कहा कि अगर युवक वीडियो नहीं बनाता तो शायद यह सब कभी सामने नहीं आता।
कुछ सामाजिक संगठनों ने भी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी ड्यूटी के दौरान इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे।
जांच जारी, दोनों कॉन्स्टेबल पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
मामले की जांच जारी है और शुरुआती संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पुलिसकर्मियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। शराब पीना, ड्यूटी छोड़ना, थाने में अनुशासन तोड़ना और नागरिक को धमकाना—ये सभी आरोप उनकी सेवा में गंभीर दंड का कारण बन सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिख रहा व्यवहार पुलिस विभाग की गरिमा के खिलाफ है और इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ सस्पेंशन से लेकर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई संभव है।
