by-Ravindra Sikarwar
कर्नाटक के हासन जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक ट्रक ने गणेश विसर्जन यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस भयावह घटना में कम से कम 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
हादसे का विवरण:
यह घटना हासन जिले के अर्सिकेरे तालुक में हुई। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे भक्तों का एक समूह सड़क किनारे चल रहा था, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गया। ट्रक की चपेट में आने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और 8 लोगों ने दम तोड़ दिया। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया:
हादसे के तुरंत बाद, ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, चालक ने पूछताछ में दावा किया है कि वह एक बाइक सवार को बचाने के लिए अचानक बाईं ओर मुड़ा था, जिससे ट्रक अनियंत्रित हो गया और यह दुर्घटना हुई।
आपके सवाल के संदर्भ में, यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी भी बड़ी दुर्घटना, खासकर जिसमें जान-माल का नुकसान हुआ हो, में पुलिस की पहली कार्रवाई चालक को हिरासत में लेना होती है। यह गिरफ्तारी चालक को भागने से रोकने और घटना की निष्पक्ष जाँच शुरू करने के लिए की जाती है।
कानून की नज़र में, यह जांच का पहला कदम है, न कि अंतिम फैसला। पुलिस इस बात की जाँच करेगी कि क्या चालक तेज गति से गाड़ी चला रहा था, क्या वह नशे में था, या क्या ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी। चालक का यह दावा कि उसने किसी की जान बचाने की कोशिश की, एक बचाव है, लेकिन इसकी सच्चाई और परिस्थितियों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाती है। अंततः, इस मामले में कौन दोषी है, इसका फैसला अदालत द्वारा सबूतों और पूरी जांच के बाद ही किया जाएगा।
इस घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
