by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश: ग्वालियर जिले के टेकनपुर में स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रशिक्षण केंद्र में K9 स्क्वाड ने भारतीय नस्ल के कुत्तों की प्रभावशाली ट्रेनिंग का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में कुत्तों ने 18 फीट ऊंची दीवार पर छलांग लगाना, सीढ़ियां चढ़ना और अन्य जटिल कार्यों को अंजाम देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम से प्रेरित था, जो सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वदेशी नस्लों के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रतीक बना। यह आयोजन BSF की क्षमता को दर्शाता है और देश की सीमाओं की रक्षा में K9 यूनिट की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
BSF K9 स्क्वाड का परिचय:
सीमा सुरक्षा बल (BSF) का K9 स्क्वाड, जिसे डॉग स्क्वाड भी कहा जाता है, सीमा पर निगरानी, खोजबीन और सुरक्षा कार्यों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित कुत्तों की टीम है। टेकनपुर स्थित BSF अकादमी भारत का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है, जहां सैनिकों और कुत्तों को कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाता है। इस स्क्वाड में विभिन्न नस्लों के कुत्ते शामिल होते हैं, लेकिन इस प्रदर्शन में विशेष रूप से भारतीय नस्लों जैसे रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड और राजपालयम पर फोकस किया गया। ये नस्लें अपनी ताकत, गति और सहनशक्ति के लिए जानी जाती हैं, और इन्हें विदेशी नस्लों की जगह उपयोग करने से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
ट्रेनिंग प्रदर्शन का विवरण:
टेकनपुर में आयोजित इस विशेष सत्र में BSF के प्रशिक्षकों ने कुत्तों की क्षमताओं का जीवंत प्रदर्शन किया। कुत्तों ने निम्नलिखित करतब दिखाए:
- 18 फीट ऊंची दीवार पर छलांग: कुत्तों ने बिना किसी सहारे के 18 फीट (लगभग 5.5 मीटर) ऊंची दीवार को पार किया, जो दुश्मन की घुसपैठ रोकने में उपयोगी है।
- सीढ़ियां चढ़ना और उतरना: वे तेजी से सीढ़ियों पर चढ़े और उतरे, जो ऊबड़-खाबड़ इलाकों में खोज अभियानों के लिए आवश्यक है।
- खोज और बचाव कार्य: कुत्तों ने छिपी हुई वस्तुओं को सूंघकर ढूंढा और संदिग्ध व्यक्तियों को पहचाना।
- आक्रामक और रक्षात्मक मोड: वे आदेश पर आक्रमण मोड में गए और फिर रक्षात्मक स्थिति में लौटे, जो सुरक्षा ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण है।
ये करतब कुत्तों की शारीरिक फिटनेस, मानसिक एकाग्रता और प्रशिक्षकों के साथ उनके बंधन को दर्शाते हैं। ट्रेनिंग में वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाते हैं, जिसमें पोषण, स्वास्थ्य जांच और व्यवहारिक अध्ययन शामिल हैं।
पीएम मोदी के ‘मन की बात’ से प्रेरणा:
यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम से सीधे प्रेरित था। हाल के एपिसोड में पीएम ने भारतीय नस्ल के कुत्तों को सुरक्षा बलों में शामिल करने की वकालत की थी, ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो। उन्होंने रामपुर हाउंड और मुधोल हाउंड जैसी नस्लों की तारीफ की थी, जो उनकी गति और वफादारी के लिए प्रसिद्ध हैं। BSF ने इस सुझाव को अपनाते हुए इन कुत्तों को ट्रेनिंग में शामिल किया, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है। पीएम के संदेश ने BSF को और उत्साहित किया, और यह प्रदर्शन उसका प्रत्यक्ष परिणाम है।
सीमा सुरक्षा में K9 स्क्वाड की भूमिका:
BSF का K9 स्क्वाड भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये कुत्ते न केवल घुसपैठ का पता लगाते हैं, बल्कि मादक पदार्थों, हथियारों और विस्फोटकों की खोज में भी विशेषज्ञ हैं। भारतीय नस्लों का उपयोग पर्यावरण अनुकूलन और लागत प्रभावी है, क्योंकि ये स्थानीय जलवायु में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि कैसे ये ‘सुपर डॉग्स’ सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं, विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण इलाकों जैसे रेगिस्तान, जंगल और पहाड़ों में।
कार्यक्रम की प्रतिक्रिया और महत्व:
इस प्रदर्शन में BSF के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय निवासी और मीडिया उपस्थित थे। सभी ने कुत्तों की क्षमताओं की सराहना की और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। BSF के एक अधिकारी ने कहा, “यह ट्रेनिंग न केवल कुत्तों की क्षमता बढ़ाती है, बल्कि हमारे जवानों को भी प्रेरित करती है। पीएम के ‘मन की बात’ ने हमें नई दिशा दी है।” यह आयोजन BSF की नवाचार और स्वदेशी अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भविष्य में और अधिक ऐसे कार्यक्रमों की नींव रखेगा।
निष्कर्ष:
टेकनपुर में BSF K9 स्क्वाड का यह प्रदर्शन न केवल तकनीकी और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन था, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी। भारतीय नस्ल के कुत्तों की क्षमताओं ने साबित किया कि देशी संसाधन वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं। पीएम मोदी के ‘मन की बात’ से प्रेरित यह कदम सीमा सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और युवाओं को रक्षा क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगा। BSF का यह प्रयास देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
