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by-Ravindra Sikarwar

मुख्यमंत्री साय द्वारा कोण्डागांव में 127 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

माओवाद पर नियंत्रण और ‘नियद नेल्लानार’ की सफलता:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की है कि बस्तर संभाग में नक्सलवाद (माओवाद) की जड़ें तेजी से कमजोर हो रही हैं और यह क्षेत्र अब विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्य रूप से राज्य सरकार की विशेष पहल ‘नियद नेल्लानार’ योजना को दिया। इस योजना के माध्यम से, सरकार अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों तक पहुँच सुनिश्चित कर रही है और उन्हें तेजी से बुनियादी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य बस्तर को भी प्रदेश के अन्य विकसित हिस्सों के समान नई ऊंचाइयों तक पहुँचाना है, ताकि यह क्षेत्र समृद्धि के मार्ग पर चल सके। उन्होंने यह बात सोमवार को कोण्डागांव में गाड़ा समाज द्वारा आयोजित बूढ़ादेव महोत्सव को संबोधित करते हुए कही।

विकास कार्यों की घोषणा और लोकार्पण:
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कोण्डागांव क्षेत्र के लिए एक बड़ा विकास पैकेज समर्पित किया। 127 करोड़ रुपए की लागत के 61 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। उन्होंने स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए कई नई घोषणाएँ भी की:कोनगुड़ से धनोरा मार्ग निर्माण हेतु ₹10 लाख।केशकाल से विश्रामपुरी मार्ग के लिए ₹39 करोड़।ग्राम कुधूर में अनुसूचित जनजाति बालिका हेतु 100 सीटर छात्रावास के निर्माण के लिए ₹2.71 करोड़। बहुउद्देशीय केंद्र, दिव्यांग सेंटर और कोचिंग सेंटर के संचालन हेतु ₹1.5 करोड़।

नए प्रकाशनों का विमोचन:
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों और योजनाओं से संबंधित प्रकाशनों का भी विमोचन किया, जिनमें शामिल थे:

  • कॉफी टेबल बुक
  • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल पुस्तिका
  • उच्च जोखिम गर्भावस्था हेतु हेल्पलाइन नंबर
  • हेलमेट बैंक
  • सुपोषित विकास चार्ट

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा और शिक्षा पर बल:
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में रजत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और यहाँ की मिट्टी अत्यंत उर्वर है।

गाड़ा समाज के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक वाद्ययंत्र मोहरी के सामूहिक वादन के साथ किया गया। उन्होंने बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के लिए खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

अपने संबोधन में, उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया: “एक अच्छा किसान, व्यवसायी, जनसेवक या राजनेता बनने के लिए उत्तम शिक्षा अनिवार्य है।” उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

सरकार की उपलब्धियां और कल्याणकारी योजनाएं:
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने लगभग दो वर्षों की छोटी अवधि में ही अपनी अधिकांश गारंटियों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया:

  • 15 नवम्बर से प्रदेश में किसानों से धान खरीदी शुरू की गई है।
  • महतारी वंदन योजना (महिला सशक्तिकरण)।
  • तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजनाएँ।
  • चरण पादुका योजना।

विधायक लता उसेंडी ने भी सभा को संबोधित किया और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और उपलब्धियों की सराहना की।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
इस महत्वपूर्ण अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप और भोजराज नाग, विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, कमलचंद्र भंजदेव, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी, तथा गांड़ा समाज के पदाधिकारी प्रदीप कुलदीप, डॉ. किरण बघेल और अशोक चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और समाज के सदस्य उपस्थित थे।

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