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By: Ravindra Sikarwar

उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को देखते हुए राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन के साथ-साथ बेहतर हवाई, रेल और सड़क कनेक्टिविटी के कारण प्रदेश पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में टाटा समूह ने उत्तर प्रदेश में अपने प्रीमियम होटल ब्रांड्स के बड़े विस्तार की योजना तैयार की है। इस संबंध में टाटा समूह के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक में राज्य में चल रहे और प्रस्तावित निवेश को लेकर अहम जानकारी साझा की।

बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे व्यापक विकास और लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए टाटा समूह राज्य में अपनी हॉस्पिटैलिटी मौजूदगी को मजबूत करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ताज, विवांता और ताज सेलेक्शंस जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के माध्यम से विश्वस्तरीय होटल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे न केवल पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के करीब 30 होटलों का निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में चल रहा है। ये होटल राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकसित किए जा रहे हैं और इनके माध्यम से पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। बैठक में इन परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें निर्माण कार्य की स्थिति, निवेश और संभावित समय-सीमा से जुड़ी जानकारी शामिल थी।

इसके साथ ही टाटा समूह ने प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के और विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। बैठक में करीब 30 नए होटलों के निर्माण की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। यदि ये योजनाएं अमल में आती हैं, तो राज्य में लक्जरी और प्रीमियम श्रेणी के होटल कमरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में जहां टाटा समूह के होटलों के लगभग 2,000 कमरे उपलब्ध हैं, वहीं प्रस्तावित विस्तार के बाद यह संख्या बढ़कर करीब 5,000 तक पहुंच सकती है।

एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि नए और प्रस्तावित होटलों का फोकस प्रदेश के प्रमुख और उभरते पर्यटन स्थलों पर रहेगा। इनमें प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, वृंदावन, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बिजनौर और गोरखपुर जैसे शहर शामिल हैं। ये सभी शहर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। खासतौर पर अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों में हाल के वर्षों में पर्यटकों की संख्या में तेज वृद्धि देखी गई है, जिसे देखते हुए यहां उच्च स्तरीय आवास सुविधाओं की मांग भी बढ़ी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि नोएडा में टाटा समूह एक सिग्नेचर या लैंडमार्क होटल विकसित कर रहा है, जो आधुनिक सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। इसके अलावा प्रयागराज में एक लक्जरी ताज होटल के निर्माण की योजना पर भी काम चल रहा है, जो बड़े आयोजनों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान आने वाले विशिष्ट अतिथियों और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बनेगा।

एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बेहतर कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण राज्य आज अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। टाटा समूह जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह का उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाना राज्य की विकास यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार भी खुलेंगे।

कुल मिलाकर, टाटा समूह के इस प्रस्तावित विस्तार से उत्तर प्रदेश का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर एक नई ऊंचाई पर पहुंचने की ओर अग्रसर है और आने वाले वर्षों में राज्य को देश के प्रमुख पर्यटन और लक्जरी ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में यह निवेश अहम भूमिका निभाएगा।

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