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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर के बहोड़ापुरा क्षेत्र में तीन दिन पहले लापता हुए डेढ़ साल के मासूम रोहित उर्फ राहुल के मामले ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था। परिजन बच्चे की तलाश में दर-दर भटकते रहे और पुलिस ने भी बिना समय गंवाए तलाश शुरू कर दी। अंततः पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच की मदद से यह मामला 24 घंटे के भीतर सुलझ गया और मासूम को सुरक्षित बरामद कर उसकी माँ की गोद में वापस लौटा दिया गया।

बच्चा जिस समय मिला, उस भावुक पल में मौजूद बहोडापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने रोहित को गोद में लेकर उसकी हालत देखी। पुलिस टीम को यह देखकर राहत मिली कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की शारीरिक हानि नहीं पहुँचाई गई।

कैसे हुआ था बच्चा लापता?
घटना बहोड़ापुरा के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र की है, जहाँ रोहित अपने माता-पिता के साथ रहता है। तीन दिन पहले वह अचानक घर के बाहर खेलते-खेलते गायब हो गया। कुछ देर खोजबीन करने के बाद भी जब रोहित नहीं मिला, तो परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। परिजनों की शिकायत पर बहोडापुर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर बच्चे की तलाश में कई टीमें तैनात कर दीं।

आसपास की दुकानों, घरों और गलियों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी दौरान एक फुटेज में एक संदिग्ध महिला को बच्चे को गोद में ले जाते हुए देखा गया। यह महिला बच्चा मिलने वाली उसी कॉलोनी में रहती थी, जिससे पुलिस को दिशा मिली।

संतान न होने पर उठाया खतरनाक कदम
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस महिला ने बच्चे को उठाया, वह लंबे समय से संतान सुख न मिलने के कारण मानसिक रूप से तनावग्रस्त थी। उसने अपने परिवार और पड़ोसियों से भी इस कमी की वजह से कई बार उलझन महसूस की थी। इसी चाह में उसने मासूम रोहित को अपना बच्चा समझकर उठा लिया और घर में छुपाकर रख दिया।

महिला ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह बहुत दिनों से बच्चा चाहती थी और उसे लगा कि रोहित को लेकर कोई उसकी पहचान नहीं कर सकेगा। हालांकि उसके इस कदम ने एक परिवार के तीन दिन के चैन और नींद छीन ली।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बचाई मासूम की जिंदगी
टीआई आलोक सिंह परिहार और उनकी टीम ने कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी और स्थानीय सूचनाओं की मदद से महिला के घर पर दबिश दी। वहाँ रोहित को सुरक्षित पाया गया। बच्चा जैसे ही पुलिस की गोद में आया, उसकी मासूम मुस्कान ने पूरे माहौल को राहत से भर दिया।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों को भेजा गया था और हर छोटी-बड़ी जानकारी पर तुरंत कार्रवाई की गई। यही वजह रही कि बच्चा समय रहते बिना किसी क्षति के मिल गया।

परिजनों ने जताया पुलिस के प्रति आभार
रोहित को जब उसके माता-पिता को सौंपा गया, तो माँ की आँखों में खुशी के आँसू छलक पड़े। परिवार ने पुलिस की तत्परता के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि तीन दिन का हर एक पल उनके लिए बरसों जैसा था।

वहीं, पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सतर्कता और जागरूकता आवश्यक है।

आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई
बच्चे को अगवा करने वाली पड़ोसी महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ अपहरण सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर पुलिस को सूचना देना और सहयोग करना ही किसी भी संकट को टालने का सबसे बड़ा उपाय है। ग्वालियर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक मासूम को सकुशल उसके परिवार तक पहुँचाया और इलाके में फैली दहशत को समाप्त किया।

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