By: Ravindra Sikarwar
देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कई न्यायालय परिसरों को बम धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। ई-मेल के माध्यम से आई इन धमकियों में आरडीएक्स का जिक्र होने से अफरा-तफरी का माहौल बना। प्रभावित राज्यों में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल शामिल हैं।
रीवा न्यायालय में आरडीएक्स धमकी से मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश के रीवा जिला एवं सत्र न्यायालय को ई-मेल से गंभीर धमकी मिली, जिसमें परिसर को आरडीएक्स से उड़ाने की बात कही गई। मेल हिंदी में लिखा था और इसमें विस्फोट का तरीका, समय तथा कथित उद्देश्य का उल्लेख था। पुराने आतंकवाद संबंधी कानून का हवाला देते हुए दोपहर 2:35 बजे तक परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई।
धमकी मिलते ही न्यायालय क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए। वकीलों, कर्मचारियों और पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की गहन जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। साइबर टीम धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
अन्य राज्यों में एकसमान धमकियां, संगठित साजिश की आशंका
एक ही तरह की भाषा और समय का जिक्र होने से जांच एजेंसियां किसी बड़े नेटवर्क या संगठित प्रयास की संभावना जांच रही हैं। प्रमुख उदाहरण:
- पंजाब: फिरोजपुर, मोगा और रोपड़ जिला अदालतों को धमकी मिली।
- हिमाचल प्रदेश: हाईकोर्ट परिसर में अलार्म बजने और पुलिस की आवाजाही से तनाव बढ़ा।
- बिहार: पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज और गया सिविल कोर्ट प्रभावित।
- छत्तीसगढ़: राजनांदगांव, बिलासपुर सहित कुछ अन्य जिला न्यायालयों को धमकी।
- केरल: कासरगोड जिला कोर्ट को सुबह के समय मेल प्राप्त हुआ।
सभी जगहों पर परिसर खाली कराए गए, डॉग स्क्वॉड और बम विशेषज्ञों की टीमों ने तलाशी ली। फिलहाल किसी जगह विस्फोटक नहीं पाया गया।
जांच में साइबर सेल की भूमिका अहम
धमकियां ई-मेल से आने के कारण साइबर जांच पर जोर दिया जा रहा है। आईपी एड्रेस, सर्वर और भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का मानना है कि ये धमकियां hoax हो सकती हैं, लेकिन किसी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
यह घटना न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा पर नए सिरे से सवाल उठाती है, जबकि जांच पूरी होने तक सभी संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।

