by-Ravindra Sikarwar
भोपाल: इस महीने भोपाल के बिजली उपभोक्ताओं को अपने बिल में 0.97% की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। यह वृद्धि ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) के कारण हो रही है, जो इस महीने 0.97% निर्धारित किया गया है। हालांकि, यह वृद्धि होने के बावजूद, उपभोक्ताओं को पिछले महीने की तुलना में 1.62% कम भुगतान करना होगा।
बिल में बदलाव का कारण:
पिछले महीने (23 जुलाई से 23 अगस्त) FPPAS 2.59% था, जो इस महीने (24 अगस्त से 1 सितंबर) घटकर 0.97% हो गया है। इस भारी कमी के कारण, भले ही तकनीकी रूप से 0.97% की वृद्धि हुई हो, लेकिन कुल बिल पिछले महीने की तुलना में काफी कम आएगा। यह मासिक समायोजन सीधे आपके आधार शुल्क पर लागू होता है, जिससे बिजली वितरण कंपनियाँ (डिस्कॉम) हर महीने वास्तविक ईंधन लागत के आधार पर उपभोक्ता शुल्कों को समायोजित कर पाती हैं।
FPPAS क्या है और इसे मासिक रूप से क्यों लागू किया जाता है?
FPPAS का मतलब है ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार। यह एक ऐसा शुल्क है जिसे बिजली कंपनियाँ बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन (जैसे कोयला, गैस) की लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव को समायोजित करने के लिए लगाती हैं।
पहले, यह समायोजन साल के अंत में ‘ट्रू अप’ प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता था, जिसमें एक बार में ही बड़ा बिल आता था। अब, मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने डिस्कॉम को हर महीने FPPAS लागू करने की अनुमति दी है। इससे ईंधन की वास्तविक लागत में किसी भी वृद्धि या कमी को अगले महीने के बिल में समायोजित किया जा सकता है। इसका लाभ यह है कि उपभोक्ताओं पर एक साथ बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ता और लागत में पारदर्शिता बनी रहती है।
इस बदलाव से, बिजली बिल में होने वाले छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव हर महीने दिखाई देंगे, लेकिन पिछले महीने की तुलना में इस महीने का बिल कम आना एक राहत की बात है।
