by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और जिला कलेक्टर के बीच खाद की कमी को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि विधायक ने कथित तौर पर कलेक्टर को थप्पड़ मारने की कोशिश की, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
विवाद का कारण और घटनाक्रम:
यह घटना बुधवार, 27 अगस्त, 2025 की दोपहर को हुई, जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा किसानों के साथ जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। किसान पिछले कई दिनों से क्षेत्र में खाद की गंभीर कमी का सामना कर रहे थे, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही थीं। विधायक ने किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर से बात करनी चाही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों के बीच गरमागरम बहस शुरू हो गई। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन खाद की कालाबाजारी को रोकने और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने में विफल रहा है। वहीं, कलेक्टर ने स्थिति को नियंत्रित करने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हालांकि, विधायक कुशवाहा कलेक्टर के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
थप्पड़ मारने की कोशिश और राजनीतिक विवाद:
विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक ने गुस्से में आकर कलेक्टर को थप्पड़ मारने की कोशिश की। उनके साथ मौजूद लोगों और अन्य अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग किया। इस घटना के बाद, कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव फैल गया और पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया।
इस घटना ने तुरंत ही राजनीतिक रंग ले लिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर ‘अधिकारियों को धमकाने’ और ‘कानून व्यवस्था का उल्लंघन’ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि भाजपा सरकार अपने ही नेताओं को नियंत्रित करने में असमर्थ है।
आगे की कार्रवाई और सरकार की प्रतिक्रिया:
घटना के बाद, जिला प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर ने इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी है। हालांकि, विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने अपने कृत्य को सही ठहराते हुए कहा कि वे किसानों के हक के लिए लड़ रहे थे और प्रशासन की लापरवाही से तंग आ चुके थे।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि किसानों से जुड़े मुद्दे कितने संवेदनशील हो सकते हैं, और कैसे ये सीधे तौर पर राजनीतिक टकराव का कारण बन सकते हैं।
