by-Ravindra Sikarwar
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गलियारों में इन दिनों एक बड़ी खबर की चर्चा जोर-शोर से चल रही है: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। यह चर्चा तब और तेज हो गई जब हाल ही में उन्हें मोदी 3.0 सरकार में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए।
क्यों हो रही है यह चर्चा?
यह अटकलें कई कारणों से लगाई जा रही हैं:
- जननेता की छवि: शिवराज सिंह चौहान की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में है जो जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उन्हें “मामा” के नाम से भी जाना जाता है, जो उनके सहज और सरल व्यक्तित्व को दर्शाता है। यह छवि उन्हें पूरे देश में पार्टी के लिए एक मजबूत चेहरा बना सकती है।
- संगठनात्मक अनुभव: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में 15 साल से अधिक समय तक मध्यप्रदेश में शासन किया है। उनके पास न केवल प्रशासनिक बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी गहरा अनुभव है।
- राज्यों में प्रभाव: माना जाता है कि उनका देश के हिंदी भाषी राज्यों में मजबूत प्रभाव है।
- जातीय समीकरण: भाजपा के भीतर जातीय समीकरणों को साधने में भी उनका महत्व है।
वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल:
वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा हैं, जिनका कार्यकाल 30 जून 2024 को समाप्त हो गया था। हालांकि, लोकसभा चुनाव के चलते उनके कार्यकाल को जून तक बढ़ाया गया था। अब नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, और इस दौड़ में शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
अगर शिवराज सिंह चौहान को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह भाजपा के लिए एक बड़ा और रणनीतिक कदम होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह निर्णय कब और किस तरह लिया जाता है।
