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by-Ravindra Sikarwar

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक फंडिंग बिल पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा सरकारी बंद (शटडाउन) आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। यह बंद 43 दिनों तक चला, जो 2019 के पिछले रिकॉर्ड (35 दिन) को पीछे छोड़ते हुए सबसे लंबा रहा। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने उसी शाम 222-209 के मतों से बिल पास किया, जबकि सीनेट ने सोमवार को 60-40 के अंतर से इसे मंजूरी दे दी थी। इस समझौते से प्रभावित लाखों संघीय कर्मचारियों को वेतन मिलेगा और सरकारी सेवाएं गुरुवार से धीरे-धीरे बहाल होंगी।

बंद का कारण और अवधि:
यह बंद 1 अक्टूबर, 2025 को शुरू हुआ था, जब कांग्रेस ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए पूर्ण बजट पास करने में असफल रही। मुख्य विवाद बजट में खर्चों पर था:

  • रिपब्लिकन्स की मांग: विदेशी सहायता और सार्वजनिक प्रसारण के लिए आवंटित 9 अरब डॉलर की कटौती, तथा ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ के तहत मेडिकल वेलफेयर सिस्टम में अतिरिक्त कटौती।
  • डेमोक्रेट्स का विरोध: एफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) के विस्तारित टैक्स क्रेडिट्स को बढ़ाने की मांग, जो जुलाई में समाप्त हो चुके थे। डेमोक्रेट्स ने इसे ‘अमेरिकी करदाताओं पर जबरदस्ती’ बताया।

ट्रंप प्रशासन ने जुलाई में ‘रेसिशन्स एक्ट 2025’ के माध्यम से इन कटौतियों को स्थायी बनाने की कोशिश की, जो बजट वार्ताओं में बड़ा बाधक बनी। राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर ‘उत्पीड़न’ का आरोप लगाया और कहा, “हम कभी झुकेंगे नहीं।” बंद के दौरान ट्रंप ने सीनेट रिपब्लिकन्स से फिलिबस्टर नियम समाप्त करने की भी अपील की।

विधायी प्रक्रिया और वोटिंग विवरण:

  • सीनेट में पासेज: 10 नवंबर को 60-40 वोट से मंजूरी। आठ डेमोक्रेट सीनेटर्स (डिक डर्बिन, एंगस किंग, मार्गरीट हसन, जीन शाहीन, कैथरीन कोर्टेज मास्टो, जैककी रोसेन, जॉन फेटरमैन और टिम केन) ने सभी रिपब्लिकन्स (रैंड पॉल को छोड़कर) के साथ वोट दिया। यह समझौता शाहीन, हसन और किंग ने ब्रोकर किया।
  • हाउस में वोट: 12 नवंबर को 222-209 से पास। लगभग सभी रिपब्लिकन्स ने समर्थन किया, लेकिन दो (थॉमस मैसी, केंटकी और ग्रेग स्ट्यूब, फ्लोरिडा) ने विरोध किया। छह डेमोक्रेट्स ने क्रॉसओवर वोट देकर बिल पास कराया: हेनरी कुएलर (टेक्सास), डॉन डेविस (उत्तर कैरोलिना), एडम ग्रे (कैलिफोर्निया), जेरेड गोल्डन (मेन), मैरी ग्लूसेनकैंप पेरेज (वाशिंगटन) और टॉम सुज्जी (न्यूयॉर्क)।
  • ट्रंप के हस्ताक्षर: शाम 10:24 बजे (ईटी) ओवल ऑफिस में। समारोह में हाउस स्पीकर माइक जॉनसन (आर-लॉ), माइनॉरिटी लीडर स्टीव स्केलिसे (आर-लॉ) और अन्य रिपब्लिकन नेता मौजूद थे। ट्रंप ने हस्ताक्षर के बाद कहा, “हमने डेमोक्रेट्स के जबरदस्ती वाले प्रयासों को रोक दिया।”

बिल में तीन पूर्ण-वर्षीय एप्रोप्रिएशन्स बिल शामिल हैं, जबकि शेष फंडिंग 30 जनवरी, 2026 तक बढ़ाई गई है। इससे अगले साल की शुरुआत में नई फंडिंग लड़ाई की संभावना बनी हुई है।

प्रभाव और आर्थिक नुकसान:

  • कर्मचारी प्रभावित: 8 लाख से अधिक संघीय कर्मचारी बिना वेतन के फंसे। एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फूड असिस्टेंस (SNAP) और अन्य सेवाएं ठप्प थीं।
  • आर्थिक हानि: कांग्रेसनल बजट ऑफिस के अनुसार, 2019 के बंद की तरह यह अर्थव्यवस्था को 0.02% GDP (लगभग 3 अरब डॉलर) का नुकसान पहुंचा। 2025 के नवंबर में डेमोक्रेट्स की ऑफ-ईयर चुनाव जीत (वर्जीनिया और न्यू जर्सी में गवर्नरशिप) को बंद का ‘बड़ा कारक’ बताया गया।
  • सेवाओं की बहाली: गुरुवार से कर्मचारी काम पर लौटेंगे, लेकिन पूर्ण बहाली में समय लगेगा। ट्रंप ने कहा, “फेडरल गवर्नमेंट सामान्य संचालन फिर से शुरू करेगा।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

  • ट्रंप: “यह रिपब्लिकन्स की जीत है। हमने बड़े खर्च वाले ओमनिबस बिल को रोका और ट्रंप की नीतियों को संरक्षित किया।”
  • डेमोक्रेट्स: सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने चेतावनी दी कि ट्रंप की रेसिशन पावर से भविष्य के समझौते खतरे में हैं। हाउस डेमोक्रेट्स ने ACA क्रेडिट्स न बढ़ाने पर नाराजगी जताई।
  • रिपब्लिकन्स: स्पीकर जॉनसन ने कहा, “सरकार खुल गई। आज जश्न मनाएं।”

यह बंद अमेरिकी इतिहास का 11वां शटडाउन था, जो राजनीतिक ध्रुवीकरण को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी में नई लड़ाई से और लंबा बंद हो सकता है।

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