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by-Ravindra Sikarwar

केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में अवैध रेत खनन से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को कोलकाता और उसके आसपास के 22 स्थानों पर छापेमारी शुरू की। इन छापों का मुख्य निशाना झारग्राम जिले में अवैध रेत खनन से जुड़े एक व्यवसायी हैं।

छापेमारी का कारण:
ईडी की यह कार्रवाई कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध रेत खनन की जांच करने का निर्देश दिया था। इस जांच के दौरान, सीबीआई ने पाया कि रेत खनन से होने वाली आय का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था, जिसके बाद ईडी ने अपनी जांच शुरू की।

छापेमारी के मुख्य बिंदु:

  • मुख्य आरोपी: झाड़ग्राम के गोपीबल्लभपुर में शेख ज़हीरुल अली के आवास पर छापेमारी की जा रही है। ज़हीरुल अली सीधे तौर पर रेत व्यापार के धंधे से जुड़े हैं। उनका घर सुवर्णरेखा नदी के पास स्थित है, जो रेत तस्करी के लिए जाना जाता है। रेत के कारोबार में उतरने से पहले, ज़हीरुल अली एक संविदा पर गाँव के पुलिसकर्मी थे।
  • अन्य स्थान: बेहाला में, छापे जी.डी. माइनिंग के कार्यालय पर मारे गए हैं, यह एक कंपनी है जो रेत के कारोबार में शामिल है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, इस कंपनी का एक और कार्यालय साल्ट लेक में है, जहाँ और छापे मारे जा सकते हैं। कल्याणी में हुई छापेमारी के बारे में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
  • आर्थिक क्षति: ईडी का अनुमान है कि सुवर्णरेखा नदी से रेत की भारी माँग के कारण, रेत तस्करी के इन रैकेट का कारोबार सैकड़ों करोड़ रुपये का है। तस्कर अक्सर अवैध खनन के लिए जाली परमिट का इस्तेमाल करते हैं।

मुख्य आरोपी और स्थानों की जानकारी:
छापेमारी के दौरान, ईडी के अधिकारी संदिग्ध व्यवसायी के आवास और कार्यालयों की तलाशी ले रहे हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनका अवैध रेत खनन नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, इन छापों का उद्देश्य इस अवैध कारोबार के पीछे के वित्तीय लेनदेन और मुख्य लाभार्थियों का पता लगाना है। छापे में कोलकाता के अलावा आसनसोल और दुर्गापुर जैसे क्षेत्रों में भी कार्रवाई की जा रही है।

भविष्य की कार्रवाई:
ईडी के अधिकारी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और अन्य सबूतों की जांच कर रहे हैं। इस जांच के आधार पर, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी कई लोगों से पूछताछ की जा सकती है और इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में चल रहे अवैध रेत खनन सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

यह कार्रवाई अवैध रेत खनन के पीछे के वित्तीय लेनदेन और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए की गई है, और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

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