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By: Ravindra Sikarwar

Narayanpur news: जिले के आदिंगपार और धुरबेड़ा तक पहुंचने वाली पहली कलेक्टर के रूप में इतिहास रचते हुए नम्रता जैन ने बाइक के जरिए जिले के दुर्गम इलाकों का दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य जिले के दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना था। कलेक्टर नम्रता ने शुक्रवार को इन इलाकों में जाकर स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर सेवाओं की स्थिति का निरीक्षण किया।

नम्रता जैन का दौरा और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा
जिले के मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित आदिंगपार और धुरबेड़ा गांवों में कलेक्टर नम्रता जैन ने मोटरसाइकिल के जरिए यात्रा की। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने इन गांवों में स्थित प्रशासनिक संस्थाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति का अवलोकन किया। कलेक्टर ने सबसे पहले धुरबेड़ा पहुंचकर वहां स्थित बालक आश्रम छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास की भोजन व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय की स्थिति, आवासीय कक्षों और उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत निरीक्षण किया।

शैक्षिक स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं की जांच
इस दौरान, कलेक्टर ने छात्रावास में अध्ययनरत बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से पहाड़ा और अंग्रेजी अक्षरों के बारे में सवाल किए, और बच्चों के शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन किया। संतोषजनक उत्तर मिलने पर, कलेक्टर ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और उन्हें निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरित किया। छात्रावास के अधीक्षक ने शौचालय निर्माण, खेल सामग्री, और अधीक्षक निवास कक्ष निर्माण की मांग की, जिसे कलेक्टर ने स्वीकृति हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके बाद, कलेक्टर ने धुरबेड़ा उप-स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध नल-जल योजना के तहत पेयजल व्यवस्था की स्थिति का परीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

स्थानीय समस्याओं की पहचान और समाधान
कलेक्टर ने फिर आदिंगपार गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने ग्राम पंचायत धुरबेड़ा की सरपंच सुदनी ध्रुव और अन्य ग्रामीणों से बैठक की। बैठक में उन्होंने स्थानीय समस्याओं के बारे में जानकारी ली और ग्राम पंचायत की प्रमुख आवश्यकताओं पर चर्चा की। इसमें आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन, गांव तक पहुंच मार्ग की स्थिति, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बात की गई। कलेक्टर ने जनपद सीईओ को आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए।

कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले आश्रित गांवों का सर्वेक्षण किया और आंगनबाड़ी केंद्र की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव तैयार करने के आदेश भी दिए।

आंगनबाड़ी केंद्रों और युवा रोजगार की दिशा में पहल
कलेक्टर ने कोड़नार आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने केंद्र की साफ-सफाई, बच्चों के पंजीयन, और टीएचआर (ताम्र-हार्ड रेशन) वितरण की स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए और आश्रित गांवों में नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

ग्राम कुतुल में, सरपंच ने बाजार शेड, नल-जल पाइपलाइन की मरम्मत, पुलिया निर्माण और सीसी सड़क निर्माण की मांग की। कलेक्टर ने इस पर तुरंत ध्यान देने का आश्वासन दिया और बेरोजगार युवाओं को आरसेटी (आर्यन प्रशिक्षण केंद्र) के माध्यम से प्रशिक्षण दिलवाकर रोजगार से जोड़ने की सलाह भी दी।

कलेक्टर के इस दौरे से प्रशासन में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार हुआ है
कलेक्टर नम्रता जैन के इस दौरे में एडीशनल एसपी अजय कुमार, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, तहसीलदार कोहकामेटा डॉ. अयाज हाशमी, जनपद सीईओ ओरछा श्री लोकेश चतुर्वेदी सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ थे। इस यात्रा से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन और शासन की मंशा के अनुसार, दूरस्थ क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने न केवल खुद का समय दिया बल्कि अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आदिंगपार और धुरबेड़ा जैसे दुर्गम गांवों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर नम्रता जैन का यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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