By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर: शहर में सूदखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ब्याज के लालच में दो सूदखोरों ने एक होटल मैनेजर का अपहरण कर लिया। पीड़ित से महज 2.9 लाख रुपए उधार देने के बाद आरोपियों ने उससे पहले ही सवा तीन लाख रुपए वसूल लिए थे, इसके बावजूद वे छह लाख रुपए की मांग कर रहे थे। रकम नहीं देने पर दोनों ने मैनेजर को अगवा कर एक कमरे में बंधक बना लिया। हालांकि, पीड़ित की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवक ग्वालियर के एक निजी होटल में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। कुछ समय पहले उसे पारिवारिक जरूरतों और आर्थिक तंगी के चलते पैसों की आवश्यकता पड़ी थी। इसी दौरान उसकी पहचान दो लोगों से हुई, जो निजी तौर पर उधार पर पैसा देने का काम करते थे। शुरुआत में उन्होंने आसान किस्तों और कम ब्याज का लालच देकर युवक को 2.9 लाख रुपए उधार दिए।
समय के साथ सूदखोरों ने ब्याज की दर बढ़ा दी और चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम कई गुना करने लगे। पीड़ित ने किसी तरह कर्ज चुकाने की कोशिश करते हुए सवा तीन लाख रुपए से ज्यादा की राशि वापस कर दी। इसके बावजूद आरोपी यह कहकर दबाव बनाने लगे कि अभी भी छह लाख रुपए बकाया हैं। लगातार धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान मैनेजर जब और पैसे नहीं जुटा पाया तो आरोपियों ने उसे सबक सिखाने की योजना बनाई।
घटना वाले दिन दोनों सूदखोर युवक को बातचीत के बहाने अपने साथ ले गए और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। वहां उसे शारीरिक और मानसिक रूप से डराया-धमकाया गया। आरोपियों का मकसद था कि डर के कारण वह किसी भी तरह बाकी की रकम का इंतजाम कर ले। इसी दौरान पीड़ित की किस्मत ने उसका साथ दिया। आरोपियों में से एक की स्मार्ट वॉच पास में ही रखी थी, जिसमें कॉल करने की सुविधा थी। मौका पाकर होटल मैनेजर ने उसी स्मार्ट वॉच से अपनी गर्लफ्रेंड को कॉल कर लिया और पूरी स्थिति बता दी।
गर्लफ्रेंड ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और बताए गए विवरण के आधार पर तत्काल कार्रवाई शुरू की। कुछ ही समय में पुलिस टीम ने छापा मारकर होटल मैनेजर को सकुशल मुक्त कराया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने सूदखोरी और अपहरण की बात कबूल कर ली।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, धमकी देने और सूदखोरी से जुड़े गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं उन्होंने पहले भी इसी तरह अन्य लोगों को अपने जाल में तो नहीं फंसाया। पुलिस ने पीड़ित को भरोसा दिलाया है कि उसे पूरा न्याय मिलेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ती सूदखोरी की समस्या को उजागर कर दिया है। आसान कर्ज के नाम पर लोग मजबूरी में ऐसे लोगों के जाल में फंस जाते हैं और बाद में उन्हें भारी मानसिक, आर्थिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर केवल वैध बैंक या वित्तीय संस्थानों से ही ऋण लें और किसी भी प्रकार की धमकी या अवैध वसूली की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
