by-Ravindra Sikarwar
जयपुर: राजस्थान के जयपुर-अजमेर हाईवे पर मंगलवार रात (8 अक्टूबर, 2025) को एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। दूधू के पास मौजमाबाद क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों से लदा एक ट्रक एक अन्य टैंकर से टकरा गया, जिसके बाद ट्रक में भयंकर आग लग गई। टक्कर के तुरंत बाद सिलेंडरों में एक के बाद एक धमाके होने लगे, जो लगभग एक घंटे तक जारी रहे। इन विस्फोटों की तीव्रता इतनी थी कि आसपास के वाहनों को नुकसान पहुंचा और हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण करने और राहत कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। यह हादसा सड़क सुरक्षा और खतरनाक माल ढुलाई के मानकों पर सवाल खड़े कर रहा है।
हादसे का पूरा विवरण:
घटना मंगलवार रात करीब 10:30 बजे जयपुर-अजमेर हाईवे के दूधू टोल प्लाजा के पास घटी। एलपीजी सिलेंडरों से भरा ट्रक तेज रफ्तार में आ रहा था, जब अचानक सामने से आ रहे एक डीजल टैंकर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और एलपीजी सिलेंडरों में रिसाव शुरू हो गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ट्रक में आग लग गई, और सिलेंडर एक-एक करके फटने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके इतने जोरदार थे कि वे मिसाइलों की तरह प्रतीत हो रहे थे, और आग की लपटें किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं।
कुल 42 सिलेंडर फट चुके हैं, जबकि 120 सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर लिया गया। धमाकों की वजह से आसपास के वाहनों के शीशे टूट गए, और कुछ कारों को आग की चपेट में आने से नुकसान पहुंचा। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमने कभी इतनी भयानक आग नहीं देखी। धमाके की आवाज से लगा जैसे कोई बम फटा हो। लोग भागने लगे, और बचाव कार्य बहुत मुश्किल हो गया।” वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहा है कि स्थानीय लोग मोबाइल से हादसे को रिकॉर्ड कर रहे थे, लेकिन धमाकों की चपेट में आने से वे भागने लगे। आग की ऊंचाई इतनी थी कि आसमान में काला धुआं छा गया, और हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
टैंकर चालक, जिनकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, आग की चपेट में आ गए। वे वाहन से बाहर निकलने का प्रयास कर ही रहे थे कि एक बड़ा धमाका हो गया, और वे जिंदा जल गए। अन्य घायलों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल और दूधू के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, कम से कम 5-6 लोग झुलसे हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। बचाव कार्य में दमकल की 10 गाड़ियां लगीं, लेकिन धमाकों के कारण उन्हें दूर से ही पानी की बौछारें करनी पड़ीं। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
बचाव कार्य और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
हादसे की सूचना मिलते ही जयपुर ग्रामीण पुलिस, दूधू थाना प्रभारी और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बम निष्क्रियकरण दस्ता (बीडीएस) को भी बुलाया गया, जिन्होंने बाकी सिलेंडरों को सुरक्षित हटाया। स्थानीय लोग भी सहयोग के लिए आगे आए, लेकिन धमाकों की आशंका से वे दूर ही रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत जिला कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए कि घटनास्थल का दौरा करें और प्रभावितों को तत्काल राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा, “यह दुखद घटना है। हम दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उपाय करेंगे।”
ट्रैफिक पुलिस ने हाईवे को दोनों तरफ से बंद कर दिया, और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया। सुबह तक जाम पूरी तरह खत्म हो गया। फोरेंसिक टीम ने मलबे का साक्ष्य संग्रह किया है, और टक्कर के सटीक कारणों की जांच चल रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट में लापरवाही और तेज रफ्तार को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
हादसे की पृष्ठभूमि और व्यापक प्रभाव:
यह हादसा राजस्थान में खतरनाक सामग्री ढुलाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की एक कड़ी में जुड़ गया है। पिछले वर्षों में भी हाईवे पर एलपीजी या केमिकल ट्रकों के हादसों से कई जानें गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सिलेंडरों का अनुचित लोडिंग, ड्राइवरों की थकान और हाईवे पर स्पीड लिमिट का उल्लंघन ऐसी त्रासदियों को जन्म देता है। इस घटना से न केवल यातायात बाधित हुआ, बल्कि आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई। पर्यावरणीय प्रभाव के तौर पर, धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ गया, जिसके लिए एनजीटी को सूचित किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने हादसे की भयावहता को उजागर किया है, जहां लोग सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की मांग कर रहे हैं। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “हाईवे पर ऐसी दुर्घटनाएं आम हो रही हैं। सरकार को सख्त नियम लागू करने चाहिए।” प्रभावित चालक के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
निष्कर्ष: सबक और सतर्कता की जरूरत
यह हादसा सड़क पर सतर्कता की महत्ता को रेखांकित करता है। एलपीजी जैसे ज्वलनशील पदार्थों की ढुलाई में विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे अलग लेन और नियमित जांच। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी। उम्मीद है कि यह घटना अन्य ड्राइवरों के लिए चेतावनी बनेगी और हाईवे पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगी। जांच पूरी होने पर और विवरण सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल राहत कार्य प्राथमिकता हैं।
