by-Ravindra Sikarwar
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के प्रतिष्ठित जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की मतगणना आज सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। यह सीट जून 2025 में बीआरएस विधायक मगंती गोपीनाथ के निधन के कारण रिक्त हुई थी, और अब यह चुनाव राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण लोकप्रियता परीक्षा बन गया है। प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, कांग्रेस के उम्मीदवार नवीन यादव ने मजबूत बढ़त बना ली है, जबकि बीआरएस की उम्मीदवार मगंती सुनीता गोपीनाथ (स्वर्गीय विधायक की पत्नी) पीछे हैं। भाजपा के लंकाला दीपक रेड्डी तीसरे स्थान पर हैं। कुल 10 दौर की गणना में पोस्टल बैलट से शुरुआत हुई, और तीन दौर के बाद कांग्रेस की बढ़त 6,012 वोटों तक पहुंच गई है। यह परिणाम न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि दिसंबर में होने वाले ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) चुनावों के लिए भी दिशा तय करेगा।
उपचुनाव का पृष्ठभूमि और कारण: राजनीतिक महत्व का केंद्र
जुबली हिल्स तेलंगाना का एक प्रमुख शहरी निर्वाचन क्षेत्र है, जो हैदराबाद के अमीर इलाकों—जैसे बैनजी हिल्स, जसूसी और फिल्म नगरी—को कवर करता है। यहां 4.01 लाख मतदाता हैं, जिनमें युवा, मध्यम वर्ग और सेलिब्रिटी वोटरों की अच्छी संख्या है। 2023 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस के मगंती गोपीनाथ ने कांग्रेस के मोहम्मद अजहरुद्दीन (पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान) को 16,337 वोटों से हराया था। गोपीनाथ 2014 से इस सीट पर कायम थे—पहले तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से और फिर बीआरएस से।
उनकी जून 2025 में अचानक मौत के बाद यह सीट खाली हुई, जिससे उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी। चुनाव आयोग ने 11 नवंबर 2025 को मतदान कराया, जिसमें कुल 48.49% मतदान हुआ—सुबह 11 बजे तक 20.76% और दोपहर 1 बजे तक 31.94%। यह आंकड़ा अन्य राज्यों के उपचुनावों (जैसे मिजोरम के डम्पा में 82.3%) से कम है, लेकिन शहरी क्षेत्र की व्यस्तता को देखते हुए सामान्य माना जा रहा है। कुल 1.94 लाख वोट पड़े, जिनमें 58 उम्मीदवारों में से मुख्य मुकाबला कांग्रेस, बीआरएस और भाजपा के बीच है।
यह उपचुनाव अन्य सात सीटों—जम्मू-कश्मीर के बुदगाम और नागरोटा, राजस्थान के अंटा, झारखंड के घाटशिला, पंजाब के तरन तारन, मिजोरम के डम्पा और ओडिशा के नुआपाड़ा—के साथ एक साथ हुआ। लेकिन जुबली हिल्स को तेलंगाना की राजनीति में ‘प्रतिष्ठा की जंग’ कहा जा रहा है, क्योंकि जीत सत्ताधारी कांग्रेस को मजबूत करेगी, जबकि बीआरएस के लिए हार 2023 चुनावों के बाद की गिरावट को और गहरा देगी।
मुख्य उम्मीदवार और उनकी पृष्ठभूमि: त्रिकोणीय संघर्ष
इस चुनाव में तीन प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने जोरदार प्रचार किया। यहां उनका संक्षिप्त परिचय:
- कांग्रेस-नवीन यादव: पिछड़े वर्ग (बीसी) समुदाय से आने वाले यादव एक प्रमुख स्थानीय नेता हैं। उन्होंने 2014 में एआईएमआईएम के टिकट पर और 2018 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। इस बार उन्हें असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम का समर्थन मिला है, जो मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करेगा। यादव ने प्रचार में विकास, रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दिया। गणना से पहले वे बालकंपेट मंदिर दर्शन के लिए गए, जो उनकी रणनीति का हिस्सा था।
- बीआरएस-मगंती सुनीता गोपीनाथ: स्वर्गीय विधायक की विधवा सुनीता परिवार की विरासत को बचाने उतरी हैं। बीआरएस ने उन्हें ‘सिंबलिक कैंडिडेट’ के रूप में उतारा, ताकि सहानुभूति वोट हासिल हों। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मतदाताओं को शराब, नकदी, साड़ियां और मिक्सर जैसे तोहफे बांटे। सुनीता ने पति की उपलब्धियों—जैसे सड़कें, पार्क और जल आपूर्ति—को भुनाया। बीआरएस अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई।
- भाजपा-लंकाला दीपक रेड्डी: भाजपा ने इस सीट पर अपनी पैठ मजबूत करने के लिए रेड्डी को चुना, जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं। पार्टी ने हिंदू वोटों पर फोकस किया, लेकिन प्रारंभिक रुझानों में वे पीछे हैं। भाजपा के लिए अच्छा प्रदर्शन 2028 विधानसभा चुनावों की नींव रखेगा।
अन्य 55 उम्मीदवार निर्दलीय या छोटे दलों से हैं, लेकिन उनका प्रभाव नगण्य है।
मतगणना का विवरण: दौरवार बढ़त और वर्तमान स्थिति
गणना यूसुफगुडा के कोटला विजय भास्कर रेड्डी इंडोर स्टेडियम में 42 टेबलों पर हो रही है, जिसमें कड़ी सुरक्षा है। प्रत्येक दौर में करीब 45 मिनट लगते हैं, और शेखपेट डिवीजन से शुरू होकर एरागड्डा से समाप्त होगा। पोस्टल बैलट (मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों के) से शुरुआत हुई, उसके बाद ईवीएम वोट।
- दौर 1 (पोस्टल बैलट): कांग्रेस को 8,926 वोट, बीआरएस को 8,864—बढ़त 62 वोट।
- दौर 2: कांग्रेस 17,874 वोट, बीआरएस से 2,995 आगे।
- दौर 3: कांग्रेस 28,999 वोट, बीआरएस 22,987—बढ़त 6,012 वोट।
- वर्तमान (तीन दौर बाद): भाजपा के पास 5,361 वोट, अन्य उम्मीदवारों के दहाई में। कुल दौर: 10, परिणाम 2-3 घंटों में अपेक्षित।
चुनाव आयोग के ट्रेंड्स के अनुसार, कांग्रेस की बढ़त लगातार बढ़ रही है, लेकिन बीआरएस को अंतिम दौरों में उलटफेर की उम्मीद है। ड्रोन और जीपीएस से निगरानी हो रही है।
राजनीतिक निहितार्थ: रेवंत रेड्डी के लिए परीक्षा, बीआरएस की उम्मीदें
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जीत का दावा 7,000-15,000 वोटों का किया है। कांग्रेस के लिए यह शहरी रणनीति की पुष्टि होगी, खासकर एआईएमआईएम समर्थन से। हार से आंतरिक आलोचना बढ़ेगी। बीआरएस के लिए जीत पुनरुत्थान का संकेत होगी, जो 2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा में हारी थी। भाजपा इसे अपनी वृद्धि के लिए इस्तेमाल करेगी।
यह चुनाव जीएचएमसी पोल्स से पहले बीआरएस-कांग्रेस समीकरण को परिभाषित करेगा। बीआरएस ने डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमर्का पर मतदाता प्रभावित करने के आरोप लगाए, जबकि कांग्रेस ने बीआरएस को ‘परिवारवाद’ का आरोप दिया।
मतदाताओं के लिए टिप्स और अपील:
मतगणना केंद्र के आसपास जाम से बचें। आधिकारिक अपडेट के लिए ईसीआई वेबसाइट (eci.gov.in) या ऐप चेक करें। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शहरी युवा वोटरों ने विकास को प्राथमिकता दी। तेलंगाना की राजनीति में यह एक रोमांचक अध्याय साबित हो रहा है—परिणाम जल्द ही स्पष्ट करेंगे कि किसकी राह आसान है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय चैनल या समाचार स्रोतों का अनुसरण करें।
