Report by: Ajit Thakur
Supaul : बिहार के सुपौल जिले में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर जिलाधिकारी सावन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने आईसीडीएस (ICDS) कार्यालय में कार्यरत जिला परियोजना सहायक बेबी कुमारी को उनकी कार्यशैली और लंबे समय तक बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवामुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार सरकार के कड़े सेवा नियमों के तहत की गई है, जिससे जिले के अन्य सरकारी कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
लंबे समय तक अनाधिकृत अनुपस्थिति बनी आधार
Supaul मिली जानकारी के अनुसार, श्रीमती बेबी कुमारी आईसीडीएस सुपौल में जिला परियोजना सहायक (NNM) के पद पर संविदा पर कार्यरत थीं। उन्होंने शुरुआत में 24 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक पारिवारिक कारणों से अवैतनिक अवकाश लिया था। इसके बाद उन्होंने पुनः 30 अप्रैल 2025 तक के लिए छुट्टी का आवेदन दिया।
विवाद तब शुरू हुआ जब 30 अप्रैल के बाद भी वे काम पर नहीं लौटीं और न ही कार्यालय को किसी नए अवकाश आवेदन के माध्यम से सूचित किया। महीनों तक दफ्तर से गायब रहने के कारण सरकारी कार्यों में बाधा आने लगी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया।
बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं दिया स्पष्टीकरण
Supaul जिला प्रोग्राम कार्यालय द्वारा बेबी कुमारी को उनके कर्तव्य के प्रति लापरवाह पाते हुए कई बार नोटिस जारी किए गए। पत्रांक 661, 752 और 927 के माध्यम से मई और जून 2025 में उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई और अनुपस्थिति का कारण बताते हुए स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, ये सभी सूचना पत्र उनके पिता के माध्यम से उन्हें पहुँचाए गए थे। इसके बावजूद, बेबी कुमारी ने न तो कार्यालय में अपना योगदान दिया और न ही नोटिस का कोई जवाब देना उचित समझा। उनकी इस हठधर्मिता और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अंतिम फैसला सुनाने की प्रक्रिया शुरू की।
संविदा नियमों के तहत सेवा समाप्ति का कड़ा निर्णय
Supaul बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प (22 जनवरी 2021) में स्पष्ट प्रावधान है कि संविदा कर्मियों को अधिकतम 30 दिन का ही अवैतनिक अवकाश दिया जा सकता है। साथ ही, बिना किसी पूर्व सूचना के 15 दिनों से अधिक समय तक काम से गायब रहने पर संबंधित पद को रिक्त घोषित करने का नियम है।
इन्हीं प्रावधानों का हवाला देते हुए, जिला प्रशासन ने बेबी कुमारी के नियोजन को 24 अक्टूबर 2024 के प्रभाव से रद्द कर दिया है। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) द्वारा जारी आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी सेवाओं में अनाधिकृत अनुपस्थिति और लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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